हाउस टैक्स जमा नहीं भवन किए सील

kabir Sharma
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हाउस टैक्स को लेकर नगरायुक्त सख्त, प्रवर्तन दल की मदद से बड़ी कार्रवाई, आठ भवनों को किया गया सील

मेरठ। गुरूवार को निगम ने हाउस टैक्स बकायेदारों के आठ भवनों को सील किया है। इस कार्रवाई में प्रवर्तन दल भी शामिल रहा। सील की कार्रवाई के दौरान एक भाजपा नेता का भवन सील किए जाने को लेकर हंगामा भी हुआ। हालांकि प्रवर्तन दल के आगे उसकी एक ना चली। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 78 बकाएदारों को दी चेतावनी दी गयी है। उन्होंने इस बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि छूट के बाद भी टैक्स जमा नहीं किया जा रहा है। निगम द्वारा गृहकर वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि, कई स्थानों पर कार्रवाई का विरोध भी देखने को मिला। पल्लवपुरम, शास्त्रीनगर और बागपत रोड क्षेत्रों में विरोध के चलते निगम टीम को बिना कार्रवाई लौटना पड़ा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम के निर्देशन में कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर और मुख्यालय जोन में कर अधीक्षकों के नेतृत्व में टीमें गठित की गईं।

इन स्थानों पर की कार्रवाई

प्रवर्तन दल के साथ कर अधीक्षक अतुल कुमार और विनय शर्मा की टीम ने अभियान की शुरुआत गढ़ रोड क्षेत्र से की। मेडिकल कॉलेज के पास स्थित नाथू सिंह की गई। राजवंश विहार में 2.57 करोड़ रुपये के भारी बकाया पर महादेव सचदेवा के प्रतिष्ठान को सील किया गया, जबकि 3.2 लाख रुपये बकाया पर दीपक सचदेवा के प्रतिष्ठान पर भी ताला लगाया गया। इसके अलावा मेडिकल क्षेत्र में मित्तल जनरल स्टोर को एक लाख से अधिक बकाया पर सील किया गया।तेजगढ़ी चौराहे पर बीर सिंह के प्रतिष्ठान, शर्मा बैंड, राजू एग प्वाइंट और आराध्या ट्रेडर्स पर कुल 3.48 लाख रुपये के बकाये के चलते कार्रवाई की गई। कार्रवाई के असर से बकायेदारों में हड़कंप मच गया और कंकरखेड़ा जोन में करीब 25 लाख, शास्त्रीनगर में 30 लाख तथा मुख्यालय जोन में 25 लाख रुपये जमा कराए गए। उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये से अधिक बकाया वाले भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में एक लाख से अधिक भवन स्वामियों पर गृहकर बकाया है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने अपील करते हुए कहा कि भवन स्वामी समय पर गृहकर जमा कर 20 प्रतिशत की छूट का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से निर्धारित 150 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पूरा करना निगम के लिए चुनौती बना हुआ है, ऐसे में बड़े बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

यह बोले नगरायुक्त

नगरायुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि जब इतनी ज्यादा छूट दी जा रही है उसके बाद भी हाउस टैक्स जमा ना करने की प्रवृत्ति उचित नहीं। उन्होंने कहा कि रियायत की किसी को दरकार है यह बात समझ आती है, लेकिन कोई यदि समझे की हाउस टैक्स से बच जाएगा तो यह संभव नहीं। हाउस टैक्स ना जमा करना भवन स्वामी के लिए बेहद नुकसान का कार्य है। इससे कोई नहीं बच सकता। यह सरकार का राजस्व है इसको देना ही होगा।

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