ट्रंप ने इजरायल से कहा रोके हमले, ईरान की दो टूक साउथ पार्स गैस क्षेत्र किस हमले का उत्तर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बोले रोको लड़ाई
नई दिल्ली। ईरान से अमेरिका और इजराय की लड़ाई के दौरान एनर्जी प्लांटों पर किए गए हमलों ने मिडिल ईस्ट ही नहीं पूरी दुनिया खासतौर से अमेरिका को हिला कर रख दिया है। कतर के एनर्जी प्लांट पर ईरानी मिसाइलों के कहर ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। कतर ने कहा है कि उसको बीस अरब डॉलर का नुकसान ईरानी मिसाइलों के हमले से हुए हैं। कतर एनर्जी के सीईओ का कहना है कि ईरानी हमलों के कारण कतर की तरलीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात क्षमता का बीस फीसदी हिस्सा ठप्प हो गया है।
ईरान ने दिया हमले का उत्तर
ईरान का कहना है कि कतर पर उसकी मिसाइलों का कहर इजरायल की मिसाइलों का उसके गैस प्लांटों पर हमले का जवाब है। उसने साफ कहा है कि हमले आगे नहीं होंगे इस बात की कोई गारंटी नहीं है। वहीं दूसरी ओर कतर पर हुई ईरानी मिसाइलों के हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आयी है। ट्रंप का कहना है कि इजरायल ने “गुस्से” में आकर यह कदम उठाया और वह ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर दोबारा हमला नहीं करेगा, और बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा ‘ऐसा मत करो’, और वह ऐसा नहीं करेंगे।”
ईरान से लड़ाई को मांगे 200 अरब डॉलर
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान से लड़ाई के लिए दो सौ अरब डॉलर मांगे हैं। रक्षा सचिव पीटर हेगथेग वित्त पोषित करने के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त 200 अरब डॉलर की मांग कर रहा है , एक ऐसा संघर्ष जिसके समाप्त होने की कोई “समयसीमा” नहीं है, जिसके बारे में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है।गुरुवार को इस आंकड़े के बारे में पूछे जाने पर, हेगसेथ ने सीधे तौर पर राशि की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि इसमें बदलाव हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ईरान भर में पहले ही 7,000 से अधिक ठिकानों पर हमला कर चुका है।
युद्ध रोकने का वक्त
संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने सभी पक्षों से आग्रह किया है कि अब लड़ाई बंद की जानी चाहिए। लड़ाई को बंद किए जाने का यह सही समय आ गया है। सभी पक्षों की बहुत ज्यादा जाने चली गयी हैं। किसी भी समस्या का हल युद्ध कभी नहीं हो सकता। समस्या से निपटने का सबसे अच्छा तरीका मेज पर आमने सामने बैठकर बात की जाए। वहीं कतर के प्रधानमंत्री ने कहा है कि इन दिलों लोगों में बुद्धिमता की कमी आ गयी है।उनका इशारा ईरान की तरफ था।