स्ट्रेट होर्मूज को लेकर दो कदम आगे चार कदम पीछे, पांच दिन के लिए ईरानी सयंत्रों पर हमले का प्लान टाला, बातचीत की बात कही
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी नहीं पता कि वो ईरान से कैसे निपटें। उनके बयानों में लगातार बदलाव के बाद लोग अब कहने लगे हैं कि ईरान ने खासतौर से स्ट्रेट होर्मूज को लेकर ट्रंप को दिमाग हर लिया है। वो कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। उनकी समझ से यह परे हो चला है कि ईरान को कैसे काबू करें। स्ट्रेट होर्मूज को कैसे खोला जाए। वहीं दूसरी ओर इजरायल के लोग भी ईरानी हमलों को लेकर अब बेहद परेशान हैं। वो लड़ाई की बात सुनना भी नहीं चाहते।
अब यह हो रहा है
जानकारों की खासतौर से पश्चिम मीडिया रिपोर्टस की मानें तो ट्रंप ने पावर प्लांट हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया है क्योंकि ईरान के साथ “productive talks” चल रही हैं। एनवॉय स्टिव विटकॉफ और जared कुश्नर ने ईरानी अधिकारी से बात की है। संभावित शर्तें: ईरान न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़े, मिसाइल लिमिट करे और होर्मुज खोले। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि रिपोर्ट्स में खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जे या ब्लॉकेड की चर्चा भी है, जहां से ईरान का 90% तेल निर्यात होता है। अमेरिका मरीन्स भेज रहा है। लेकिन यह इतना आसान नहीं लग रहा है क्योंकि ईरान साफ कर चुका है कि खर्ग पर कुछ भी किया तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें बरसाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न
ट्रंप की रणनीति लगातार बदल रही है। पहले उन्होंने सहयोगी देशों (चीन, फ्रांस, जापान, यूके आदि) से जहाज भेजकर स्ट्रेट को सुरक्षित करने की अपील की, फिर कहा कि अमेरिका को मदद की जरूरत नहीं है। इसके बाद सैंक्शंस हटाने और डिप्लोमेसी की बात आई, अब सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी। आलोचक (जैसे सीनेटर एड मार्के और क्रिस मर्फी) कह रहे हैं कि ट्रंप के पास कोई स्पष्ट एग्जिट प्लान नहीं है और वे “desperate” विकल्प आजमा रहे हैं। हालात यह हो गयी है कि ट्रंप के प्लान पर जो उनके साथ हैं वो भी अब भरोसा नहीं कर पा रहे हैं उन्हें पता नहीं कि ट्रंप कब बदल जाएं।