अमेरिका की ईरान पर बड़े हमले की तैयारी, खारग को नेस्तनाबूत करना चाहता है अमेरिका, बड़ी तादात में उतारी जा रही सेना
नई दिल्ली। अमेरिका बातचीत की आड़ ईरान पर बड़े हमले की तैयाी कर रहा है। लेकिन यह अमेरिका के लिए आग में कूदने सरीखा होगा। हालांकि क्योंकि इजरायल और साऊदी अरब नहीं चाहते कि अमेरिका सीज फायर करे। इस बात से ना तो ईरान अंजान है और ना ही अमेरिका औरचीन। इसी के चलते फिलहाल यह लड़ाई खत्म होती नजर नहीं आ रही है। आने वाले दिनों में भीषण लड़ाई होने जा रही है। इतना ही नहीं पूरा विश्व इस लड़ाई के साइड इफैक्ट देखेगा और झेलेगा भी जैसा कि इन दिनों भारत में एलपीजी को लेकर हो रहा है। ऐसा नहीं कि दुनिया के देशों में एलपीजी संकट नहीं। वहां एलपीजी संकट भी है और तेल संकट भी है। अमेरिका का निशाना ईरान का खारग दीप है जहां तेल के अकूत भंडार हैं।
आने वाला समय बेहद मुश्किल
कुछ न्यूज ऐजेंसियों का मानना है कि आने वाला समय बेहद मुश्किल भरा केवल ईरान ही नहीं पूरी दुनिया खासतौर से इजरायल और साऊदी अरब के लिए होने जा रहा है। दरअसल ईरान की स्थित करो या मनो सरीखी है। वो इस लड़ाई में सब कुछ दाव पर लगाने की ठाने हुए है। यह एक बेहद मुश्किल ऑपरेशन होगा, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि इसका मतलब होगा कि अमेरिकी सेना को संभवतः ईरान से टकराव करना पड़ेगा।
अमेरीकियों को पंसद नहीं
जिस तरह डोनाल्ड ट्रंप लड़ाई को ले जा रहे हैं वो अमेरीकियों को पसंद नहींं है। वह अमेरिका में बेहद अलोकप्रिय है। इसे ज़मीन पर सेना उतारना कहते हैं। इसलिए, हम निश्चित रूप से देख रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन बयानबाजी बढ़ा रहा है, साथ ही और अधिक सैनिकों की तैनाती कर रहा है और यह भी कह रहा है कि बातचीत चल रही है।लेकिन अमेरिका में ज्यादातर लोग सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि यह युद्ध कितने समय तक चलेगा।
अमेरिका आग के कुंए में उतरेगा
भारतीय विशेषज्ञ जनरल जीडी बख्शी सरीखों का कहना है कि यदि अमेरिका ने लड़ाई का रास्ता आगे भी चुना तो उसके लिए आग के कुंए में उतरने सरीखा होगा। ईरान के पास तलवार पहले से ही मौजूद है। अब उसको रूस ने ढाल भी दे दी है और एंटी मिसाइल सिस्टम एस-400। इसके बाद ईरान अमेरिका और इजराइल की मिसाइलों का नाश्ता कर रहा है। अमेरिका को भी समझ में आ गया है कि ईरान से जीतना उसके काबू से बाहर की बात है। अमेरिका कह रहा है कि ईरान हार गया है और ईरान कह रहा है कि युद्ध के अलावा कुछ नहीं। अमेरिका लड़ाई से भाग रहा है।