शिया मुल्कों में अमेरिका व इजराइल के खिलाफ गुस्सा, ईरानी की सबसे विनाशक हमले की चेतावनी, ट्रंप ने मौत का ठहराया जायज, मौत पर जश्न भी
नई दिल्ली/तेहरान/न्यूयार्क।
ईरान के धार्मिक सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमले में माैत हो गयी है। उनके बेटे को ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। वहीं दूसरी ओर हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं। IRGC ने कहा, ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश उनका शोक मना रहा है।’ ईरानी मीडिया ने इसको कन्फर्म कर दिया है। अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत को सही बताया है और कहाकि यह ईरानियों के लिए न्यास सरीखा है। वहीं दूसरी ओर ईरान में जिन प्रदर्शनकारियों को मौत दी गयी थी उनके परिवार वालों ने खुशी का इजहार किया है। उनका कहना है कि एक तानाशाह का ऐसा ही अंत होना चाहिए था। कुछ जगहों पर (जैसे लॉस एंजिल्स में ईरानी विरोधी) जश्न मनाया गया।
IRGC ने कहा जारी रहेंगे हमले
IRGC ने कहा, हम हारे नहीं है। उन्होंने और बड़े हमले की चेतावनी इजराइल और अमेरिका को दी है। यह बड़ा हमला परमाणु अटैक्स भी संभव है। इसके चलते सुरक्षा के बेहद कारगार और कड़े इतजामों में इजयल जुट गया है। यदिअली की मौत् के बाद भी हमले जारी रहते हैं तो यह बेहद खतरनाक हो सकते हैं। लेकिन अभी बड़ा सवाल कि ईरान का सुप्रीम लीडर कौन होगा।
खामेनेई कंपाउंड था निशाने पर
28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल के मिसाइल हमलों और एयर स्ट्राइक के बाद अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था, लेकिन अमेरिका की तीसरी आंख लगातार खामेनेई पर नजर रख रही थी। जिसके चलते अमेरिका-इज़राइल ने ईरान पर बड़े हमले किए, जिसमें तेहरान में खामेनेई के कंपाउंड को निशाना बनाया गया। यह हमला ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय प्रॉक्सी आतंकी समूहों (जैसे हिज़बुल्लाह, हमास) को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया। ईरानी स्टेट टीवी और अन्य मीडिया ने खामेनेई की मौत की घोषणा की। ईरान ने 40 दिनों का शोक और 7 दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी (जैसे अली शमखानी, मोहम्मद पाकपूर) भी मारे गए।
शिया मुल्कों में अमेरिका व इजराइल के प्रति नफरत
खामेनेई की मौत से मुस्लिम दुनिया खासकर शिया बहुल इलाकों और ईरान समर्थक देशों में अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ गुस्सा और नफरत का माहौल है। इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। इजराइल खामनेई समर्थकों के लिए बेहद साफ्ट टारगेट हो सकता है। जिसके चलते इजरायल ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
अभी जंग जारी है
अली खामेनेई की मौत के बाद भी अभी ईरान की अमेरिका और इजराइल से जंग जारी है। ईरान ने “सबसे विनाशकारी” जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, और कुछ रिपोर्ट्स में दुबई, दोहा, अबू धाबी पर ईरानी मिसाइल/ड्रोन हमले हुए हैं। केवल अमेरिका या इजराइल ही नहीं बल्कि जो देश इस जंग में अमेरिका के मददगार रहे उन पर भी हमास व हूती विद्रोहियों के हमले तय माने जा रहे हैं।