मुसीबत में फंसे अविमुक्तेश्वरानंद

kabir Sharma
3 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने दिए मुकदमे के आदेश, मामला माघ मेले से जुडङा, अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया मित्या

नई दिल्ली/प्रयागराज। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। यह मामला अब देश और दुनिया में चर्चित हो गया है। मामला माघ मेला से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां शिविर में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में 20 बच्चों का जिक्र, लेकिन मुख्य में 2 पीड़ितों के बयान पर फोकस।

विशेष POCSO अदालत के आदेश

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ा झटका लगा है। प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत (एडीजे रेप एवं POCSO स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया) ने नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोपों में उनके और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी (या चैतन्य मुकुंदानंद गिरी) के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।

थाना पुलिस करेगी कार्रवाई

इस मामले में कोर्ट के आदेश सीधे थाना पुलिस को दिए गए हैं। अदालत ने झूंसी थाना पुलिस को निर्देश दिया कि Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धारा 69, 74, 75, 76, 79, 109 (यौन अपराध संबंधित) और POCSO Act की धारा 3/5/9/17 के तहत FIR दर्ज कर गहन जांच शुरू करें।

ब्रह्मचारी की शिकायत पर आदेश

शाकंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य) ने 173(4) के तहत अर्जी दाखिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि माघ मेला 2025-26 के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर/आश्रम में नाबालिग बच्चों (कुछ रिपोर्ट्स में 2 बच्चों के बयान दर्ज) का यौन शोषण हुआ। 13 फरवरी को आशुतोष महाराज दो नाबालिग पीड़ितों को लेकर कोर्ट में पेश हुए। बच्चों के बयान कैमरे पर दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट और सबूतों पर विचार कर आज (21 फरवरी) आदेश जारी किया। FIR अब झूंसी थाने में दर्ज होगी, जांच शुरू होगी। अगर आरोप सिद्ध हुए तो गिरफ्तारी तय है। यदि गिरफ्तारी हुई तो यह सनातन के ठेकेदारों के मुंह पर तमाचा होगा।

- Advertisement -

यह बोले अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को फर्जी निर्मित व मिथ्या करार दिया। उन्होंने कहा कि “कोर्ट का फैसला उचित है। मुकदमा दर्ज होने पर ही जांच पूरी होगी, सच्चाई सामने आएगी। दोषी दंडित होंगे।” यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर इसको लेकर हमलाबर होते हुए उन्होंने कहा कि “मैं योगी आदित्यनाथ नहीं हूं जो केस हटवा लूं… न्यायपालिका पर भरोसा है।”यह गौ रक्षा अभियान या राजनीतिक विरोध के कारण फंसाया जा रहा है। आरोपी (आशुतोष ब्रह्मचारी) को हिस्ट्रीशीटर बताया। उन्होंने कहा कि जब हिस्ट्रीशीटर के कहने पर मुकदमा हुआ है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामला क्या है।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *