उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा, थमाया शिकायतों का पुलिंदा, लोकेश अग्रवाल बोले समस्या का हो समाधान
मेरठ। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने बिजली से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्य अभियंता वितरण द्वितीय को शिकायतों का पुलिंदा सौंपा और समाधान कराए जाने का आग्रह किया। संगठन के अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि समस्याओं को लेकर व्यापारी व दूसरे लोग परेशान हैं, लेकिन विभाग का रवैया है कि बदलता नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने मुख्य अभियंता से आग्रह किया कि समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जाए।
लंबी है फेरिस्त
लोकेश अग्रवाल द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट मीटर व नेट मीटर के बिल समय से नहीं बनाए जा रहे है। 6 माह से 1 वर्ष तक कि देरी से बिल बनाए जा रहे है। रेणु अग्रवाल अकाउंट नो0 3986971364 व विनोद गर्ग के बिल की शिकायत संलग्न है, बिल बनवाने के लिए उपभोक्ता लगातार विभाग के चक्कर लगता है तथा विभाग द्वारा देरी से बिल बनाए जाने के बाद भी उपभोक्ता से विलम्भ अधिभार चार्ज किया जा रहा है। अत: अनुरोध है कि बिल प्रतेक माह बिल बनाए जाने के आदेश पारित करने की कृपा करे।राजकुमार त्यागी के बिलो में लगातार अवैध रूप से विलम्भ अधिभार जोड़ा जा रहा है। अत: अनुरोध है कि बिल में अनावश्यक रूप से जोड़े जा रहे विलम्भ शुल्क को समाप्त किए जाने के आदेश पारित करने की कृपा करे। अधिशाशी अभियंता मवाना के कार्यालय में अनस पिछले एक वर्ष से नाम परिवर्तन के लिए चक्कर लगा रहा है। शिबली इश्तयाक की भूमि पर इलियास पुत्र मो. उमर ने फर्जी कागजो के आधार पर विद्युत कनैक्शन प्राप्त किया है। चमन सिंह फौजी मुरलीपुर के निवास से अवर अभियन्ता ने 15-10-2025 को अवैध रूप से मिटर उतार लिया, अधिशाशी अभियन्ता विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के यहा शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। शाहिद ग्राम भावनपुर पोस्ट सियाल के बिल में 44,671 रुपए जेई ने जमा कराये गए व 10,297 रुपए साजिद से लेकर अपने पास रख लिए। शाहिद ग्राम भावनपुर पोस्ट सियाल की यहा फर्जी विद्युत जांच दिखा कर अवर अभियन्ता राम सिंह ने बिजली चोरी की ए$फआईआर लिखा दी थी, अधिशाशी अभियन्ता टेस्ट द्वारा की गयी जांच के उपरांत भी निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही नहीं की जा रही है। शाहिद के विरुद्ध बिजली चोरी का मुकदमा समाप्त कर जेई के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करें।
बिजली कटौती का जारी हो रोस्टर
ज्ञापन में कहा गया है कि बिजली कटौती हेतु रोस्टर घोषित किया जाए वअघोषित बिजली कटौती बंद की जाए। प्रार्थनापत्रों की रिसीविंग दी जाए। मीटर लगाए जाते समय अथवा मीटर उतारते समय सीलिंग सर्टिफिकेट दिया जाए। मीटर बदले जाने के पश्चात उन्हें लैब जांच के लिए भेजा जाता है, जिसके आधार पर उपभोक्ता पर विद्युत चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते हैं तथा एफ.आई.आर. व भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाती है, जबकि अधिकांश मामलों में निर्धारित समय पर मीटर की जांच नहीं की जाती। लोकेश अग्रवाल ने चीफ से इन सभी समस्याओं का संज्ञान लिए जाने का आग्रह किया।