
CEO बेहद सख्त, किसी का नाम आया तो खैर नहीं, कारण बताओ नोटिस थमाया, CEO ऐसे मामलों से नाराज, बोर्ड के तमाम सेक्शन हेडों की फिर
मेरठ। वेस्ट एंड रोड स्थित बंगला 210 को लेकर सीईओ कैंट ने सभी सेक्शन हैड को दो टूक कह दिया है कि यदि शिकायत मिली तो खैर नहीं। दरअसल शिकायत या कहें कि सूचना मिली थी कि बंगला 210 की बैक साइड में शेड डाला जा रहा है। वहां कुछ बड़ा करने की तैयारी है। इसके बाद कैंट बोर्ड प्रशासन का पूरा अमला वहां जा पहुंचा। माना जा रहा है कि इसी के चलते तमाम सेक्शन हेड को कठोर लहजे में चेतावनी दी गयी है कि यदि सीईओ तक शिकायत पहुंची तो फिर खैर नहीं। जानकारों की मानें तो इसको लेकर कारण बताओ नोटिस तक जारी किए जाने की बात सुनने में आ रही है। हैरानी की बात तो यह है कि सीईओ भी मौका मुआयनार कर चुके हैं और डीईओ ऑफिस की टीम भी वीडियोग्राफी कर चुकी है।
विवादों से पुराना नाता है बंगला 210 का
वेस्ट एंड रोड स्थित बंगला 210का विवादों से पुराना नेता है। ओल्ड ग्रांट के इस आवासीय बंगले का इन दिनों खुलेआम व्यवसायिक प्रयोग किया जा रहा है, कैंट बोर्ड के स्टाफ की मदद के बगैर यह संभव नहीं। जीएलआर की यदि बात करें तो यह बंगला तलत जमानी, अशफाक जमानी, इकबाल मोहम्मद खान और जावेद मोहम्मद खान के नाम दर्ज है। इसकी नामकरण नवाब की कोठी के किया गया है। साल 2000 में इसमें चल रहा महाराजा नाम का वैकट हॉल कैंट बोर्ड की दस्ते ने ध्वस्त किया था। संभवत: उस वक्त कैंट बोर्ड के सीईओ एके श्रीवास्तव थे और उन्हीं के पास डीईओ का भी चार्ज था। इस कार्रवाई के कई साल बाद संभवत: साल 2006/७7में इस बंगले का कामर्शियल यूज सुधीर प्रेमी जो पहले टैंट का कारोबार किया करते थे वो बतौर विवाह मंडप करने लगे। उन्होंने कई साल तक इसका विवाह मंडप के रूप में कामर्शियल यूज किया। हालांकि कारोना के दौरान जब देश भर में तमाम गतिविधियां ठप्प हो गयी थी तब इस बंगले में सुधारी प्रेमी द्वारा संचालित किया जा रहा विवाह मंडप भी बंद हो गया। बाद में इस बंगले के जिन्हें मालिकों का वंशज माना जाता है उन्होंने कैसल ग्रांड के नाम से विवाह मंडप बनाकर कामर्शियल यूज शुरू कर दिया है। इस समय भी वही इसका कामर्शियल यूज कर रहे हैं।
इस वजह से हुआ अब फसाद
ओल्ड ग्रांट के इस बंगले को लेकर सीईओ की जिस नाराजगी की बात सुनने में आ रही है उसके पीछे इस बंगले के बैक साइड में निर्माण कार्य बताया जाता है। इसके पीछे के हिस्से मेंं एक बड़ा टीन शेड डाला गया है, जिसकी सूचना पर कैंट प्रशासन के तमाम आला अफसर मौके पर मुआयना करने को पहुंचे। हालांकि आसपास रहने वालों ने बताया कि बैक साइड में निर्माण कार्य तो काफी पहले से चल रहा है। जब यहां काम शुरू हुआ बताया गया कि उस वक्त भी कैंट बोर्ड से काफी अफसर पहुंचे थे, लेकिन अब यह मामला सीईओ तक पहुंच गया बताया जाता है, इसको लेकर सोकॉज नोटिस भी थमाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर इसको लेकर डीईओ ऑफिस के एसएसओ वीके गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद DEOके निर्देश पर CEOऑफिस से जानकारी तलब की गयी है।