कैंट सीईओ ने सुपरवाइजरों को सौंपी सफाई की जिम्मेदारी,डोर टू डोर के ठेकेदार के स्टाफ ने चार वार्डो को कर दिया है
मेरठ कैंट सीईओ जाहिर हुसैन ने सफाई व्यवस्था पर नजर रखने की जिम्मेदारी अब सुपरवाइजरों को सौंपी है। जनवाणी ने कैंट की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। उसी का साइड इफैक्ट है कि कैंट प्रशासन जिन वार्ड में सफाई की जिम्मेदारी डोर टू डोर के ठेकेदार को दी गई है, उन वार्ड में सफाई के कार्य पर नजर रखने की जिम्मेदारी अब चार सुपरवाइजरों को सौंपी है। दरअसल ये सुपरवाइजर अभी तक साइलेंट मोड में चल रहे थे। इनको अभी तक जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र और उसके जैसे दूसरे कामों में लगाया हुआ था, जिसके चलते ये एक्टिव मोड में नहीं नजर आते थे, लेकिन जनवाणी में खबर प्रकाशित होने के बाद कैंट प्रशासन ने भी अब सफाई व्यवस्था काम पर नजर रखने के लिए चारों सुपरवाइजरों को लगा दिया है। कैंट बोर्ड प्रशासन ने भले ही चार वार्डों की सफाई का काम डोर टू डोर ठेकेदारों को दिया हो, लेकिन जिन वार्ड में ठेकेदार के कारिंदे काम कर रहे हैं, उन वार्ड में जब दूध दही और पूरी कचौरी जलेबी तथा खाने के दूसरे सामानों तथा फल सब्जी की दुकानें खुल चुकी होती है, तब कहीं जाकर ठेकेदार के लोग सफाई के लिए पहुंचते हैं। दरअसल ठेकेदार का स्टाफ ही आठ बजे पहुंचता है। तब कही जाकर स्टाफ काम पर लगता है। इससे पहले वहां चौराहों पर जमा कूडा कचरा छुट्टा पशु व स्ट्रीट डॉग फैला चुके होते हैं। इसके इतर जब कैंट बोर्ड का स्टाफ पूरे पर कैंट की सफाई का जिम्मा था तो तड़के चार बजे से कैंट क्षेत्र में सफाई शुरू हो जाती थी और जब तक लोग दूध व नाश्ता लेने को घर से निकलते थे तब से कैंट का पूरा इलाके में साफ सफाई का काम निपट जाता था। आज भी जो वार्ड ठेकेदार को नहीं दिए गए हैं और वहां बोर्ड के सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं, वो वार्ड सुबह-सुबह चकाचक हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि डोर टू डोर ठेका निरस्त कर कैंट बोर्ड के सफाई कर्मचारियों को ही लगाना चाहिए।