वैश्य मंच की बैठक सेे चढ़ी भाजपा नेताओं की त्यौरियां, बोले जो ऐसा कह रहे हैं वो खुद लगे हैं टिकट की कतार में, सेंट्रल मार्केट प्रकरण के चलते नेताओं को मंच ना देने का निर्णय
सेंट्रल मार्केट के व्यापारी अब सुप्रीमकोर्ट में दायर करेंगे मर्सी पिटिशन
मेरठ। एक तरफ कैंट विधानसभा से टिकट के दावेदारों में शुमार और दूसरी ओर नेताओं से परहेज, बात कुछ हजम नहीं हुई। यदि नेताओं से परहेज करेंगे और ले देकर टिकट मिल भी किया तो फिर चुनाव कैसे लड़ेगे! कैंट विधानसभा भले ही भाजपा ही छपरौली ही क्यों ना हो।
वैश्यों की बैठक
माल रोड स्थित एक इंस्टीट्यूट में हुई वैश्यों की एक बैठक में लिए गए निर्णय से भाजपा के नेताओं की त्यौरियां चढ़ गयी हैं। उनका कहना है कि जो इस तरह की बातें कर रहे हैं वो खुद टिकट मांगने वालों की कतार में हैं और टिकट भी कैंट विधानसभा सीट से मांगने वालों की कतार मे हैं। इतना ही नहीं अपनी ताकत का मुजाहरा करने के लिए ५ अप्रैल को इन्होंने वैश्यों का महासम्मेलन भी बुलाया है। हालांकि सम्मेलन का स्थल तय होना अभी बाकि है।
खूब सुनाई खरीखोटी
माल रोड स्थित एक इंस्टीट्यूट में हुई वैश्य समाज के एक बैठक में भाजपा का नाम लिए बगैर नेताओं को खूब खरीखोटी सुनाई गई। उन पर वैश्य समाज का दोहन कर चुनाव जीतने के आरोप मढ़ दिए गए और कहा गया कि वैश्य समाज तो नेताओं के काम में आता है, लेकिन कभी भी नेता वैश्य समाज के काम नहीं आते। इस बैठक में वैश्यों के साथ पिछले कुछ समय के दौरान हुई घटनाओं को जोरशोर से उछाला गया। इन घटनाओं में एक वैश्य से शास्त्रीनगर इलाके में नाक रगड़वाने वाली घटना का खासतौर से उल्लेख किया गया। साथ ही उलाहना दिया गया कि आरोपियों को बचाने के लिए नेताओं ने किस प्रकार से पूरे मामले को मैनेज कर डाला। साथ ही इस बात की भी कड़े शब्दों में मज्जमत की गई कि जब पीएम की रैली से पहले सेंट्रल मार्केट की बेमियादी बंदी और २१ व २२ फरवरी को मेरठ बंद किए जाने की बात उठायी गयी तो फिर उस पर खास क्यों डाली गयी। केवल खाक ही नहीं डाली गयी, खाक डालने के बाद लड्डू तक बंटवा दिए गए, लेकिन सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को एक रत्ती भी राहत नहीं मिली। अब कहां है वो जिन्होंने लड्डू बंटवाए थे।
तो चुनाव का बहिष्कार
बैश्यों की इस बैठक में सेंट्रल मार्केट का मुद्दा छाया रहा। उनकी मदद करने की बात की गई। सरकार से मांग की गई कि कुछ भी कर के सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किसी तरह से रोकी जाए। उन्हें राहत दी जाए और लगे हाथों यह भी चेतावनी दे दी गई कि यदि सेंट्रल मार्केट का ध्वस्तीकरण हुुआ तो चुनाव का बहिष्कार कर दिया जाएगा।