दिल्ली-देहरादून बाईपास और दिल्ली बाईपास बदनाम, बाहर से बुलायी जा रही हैं लड़कियां, नए साल पर खास इंतजाम की चर्चा
मेरठ। OYO व गेस्ट हाउस रंगीनियों के लिए बदनाम हो रहे हैं। इनमें आने वालों के लिए बाहर से भी लड़कियां बुलायी जाती हैं। तमाम OYO व गेस्ट हाउस जिस्मफरोशी के अड्डे बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल जानकारियों की मानें तो इन होटलों में बाहर से लड़कियां बुलाकर ग्राहकों को ‘परोसा’ जाता है। कई होटल OYO जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े हैं या उनके साइनबोर्ड लगाकर चल रहे हैं, लेकिन इनमें अवैध गतिविधियां जोरों पर हैं। बाईपास पर तो तमाम लोगों ने मोटी कमाई के लालच मे घरों के बाहर OYO के बोर्ड टांग दिए हैं।
दिन रात आना जाना
बाईपास स्थित तमाम OYO में दिन रात युवक-युवतियां लगातार आते-जाते रहते हैं, और कई मामलों में बाहर से (दिल्ली, पंजाब या अन्य राज्यों से) लड़कियां बुलाई जाती हैं। 2024 में पुलिस ने बाईपास क्षेत्र में OYO साइनबोर्ड लगे 15 होटलों पर छापा मारकर उन्हें सील किया था, क्योंकि इनमें अवैध ऑपरेशंस की शिकायतें मिली थीं। इसके बावजूद कई होटल चोरी-छुपके चल रहे हैं। हालांकि मेरठ पुलिस ने कई बार ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है। उदाहरण के लिए, कंकरखेड़ा और टीपी नगर क्षेत्र के होटलों में छापेमारी कर जोड़ों को पकड़ा गया और देह व्यापार के आरोप में केस दर्ज किए गए। कुछ मामलों में होटल मालिकों और स्टाफ को गिरफ्तार किया गया, लेकिन स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रहती है और बड़े रैकेट पर कोई सख्त एक्शन नहीं होता।
OYO के नाम पर अवैध होटल
OYO के नाम पर बाईपास पर नब्बे फिसदी होटल अवैध हैं। इन्हें ना कायदों की परवाह है ना कानून और पुलिस का डर है। OYO कंपनी ने भी मेरठ में अपनी पॉलिसी बदली है, जहां अब अविवाहित जोड़ों को रूम देने से पहले रिलेशनशिप प्रूफ मांगा जाता है या होटल को इनकार करने की छूट है। कंपनी का कहना है कि यह स्थानीय सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर किया गया है, और अवैध गतिविधियों वाले होटलों को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाईपास जैसे हाईवे क्षेत्रों में ट्रैफिक ज्यादा होने से ऐसे धंधे फलते-फूलते हैं, लेकिन सख्त निगरानी की कमी से समस्या बनी हुई है।