UP में 29 मंत्रियों पर अपराधिक मामले

kabir Sharma
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ADR की रिपोर्ट में खुलासा, यूपी के आधे से ज्यादा विधायकों पर अपराधिक मामले, ADR की रिपोर्ट में दो महिला मंत्रियों के भी नाम

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, योगी मंत्रिमंडल के कुल मंत्रियों में से 29 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो महिला मंत्री भी शामिल हैं। इनमें से कई पर गंभीर आरोप जैसे हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी और अन्य शामिल हैं। हालांकि, रिपोर्ट में किसी वर्तमान मंत्री पर अंतिम सजा (कन्विक्शन) का स्पष्ट उल्लेख नहीं है – ज्यादातर मामले लंबित हैं या पुराने राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़े बताए जा रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। ADR की रिपोर्ट मतदाताओं को जागरूक करने के लिए जारी की जाती है, ताकि वे सूचित निर्णय लें। विधानसभा का कार्यकाल जारी है, और इन मामलों पर अदालती कार्रवाई अलग-अलग चल रही है। लेकिन जनता की यदि बात करें तो लगता है कि उसको अपराधिक पृष्ठभूमि वाले नुमाइंदे चुनने में कोई परेशानी नहीं है।

कुछ चर्चित नाम

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मंत्रियों पर सबसे ज्यादा मामले दर्ज हैं – जैसे दिनेश प्रताप सिंह पर 6, जबकि सूर्य प्रताप शाही और जयवीर सिंह पर 5-5 मुकदमे। ये आंकड़े 2025 की ADR विश्लेषण पर आधारित हैं, जो देशभर के मंत्रियों की पृष्ठभूमि जांचते हैं। देश स्तर पर 47% मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं, और भाजपा शासित राज्यों में यह प्रतिशत ऊंचा है।

आधे से ज्यादा विधायकों पर अपराधिक मामले

उत्तर प्रदेश विधानसभा (2022 चुनाव के बाद गठित) में कुल 403 विधायकों में से 205 (51%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कई पर गंभीर आरोप (सीरियस क्रिमिनल केस) जैसे हत्या, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध आदि शामिल हैं। भाजपा के पास सबसे बड़ी संख्या में विधायक होने के कारण दागी विधायकों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। 2022 ADR रिपोर्ट के अनुसार, कुल गंभीर मामलों वाले विधायकों का प्रतिशत करीब 39-40% रहा, और भाजपा विधायकों में यह संख्या अन्य दलों से आगे थी। कुल 403 विधायकों में से 205 (51%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 158 (39%) विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले (सीरियस क्रिमिनल केस) चल रहे हैं। ये गंभीर मामले हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध आदि से जुड़े हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की 2022 रिपोर्ट के अनुसार, यह संख्या 2017 की तुलना में बढ़ी है, जब 143 विधायकों पर आपराधिक और 107 पर गंभीर मामले थे।

पांच विधायकों पर हत्या व हत्या के प्रयास की FIR

रिपोर्ट में पांच विधायकों पर हत्या (IPC 302), 29 पर हत्या के प्रयास (IPC 307) और छह पर महिलाओं के खिलाफ अपराध (एक पर बलात्कार का आरोप) दर्ज होने की घोषणा की गई है। पार्टीवार ब्रेकअप:

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  • भाजपा: 255 विधायकों में से 111 पर आपराधिक मामले, 90 पर गंभीर मामले (35%)।
  • समाजवादी पार्टी: 111 में से 71 पर आपराधिक, 48 पर गंभीर (43%)।
  • राष्ट्रीय लोक दल (RLD): 8 में से 7 पर आपराधिक, 5 पर गंभीर।
  • सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निषाद पार्टी: दोनों के 6-6 में से 4-4 पर गंभीर मामले।
  • अपना दल (सोनेलाल): 12 में से 3 पर आपराधिक, 2 पर गंभीर।
  • अन्य: कांग्रेस के दोनों, जनसत्ता दल के दोनों और बसपा के एक विधायक पर गंभीर मामले।

गंभीर मामलों वाले विधायकों के नामों की पूरी सूची

ADR और मायनेता.इन्फो (ADR का प्लेटफॉर्म) पर सभी विजेता विधायकों के हलफनामों का विश्लेषण उपलब्ध है, जहां गंभीर मामलों वाले विधायकों की विस्तृत सूची दी गई है। पूरी लिस्ट बहुत लंबी (158 नाम) होने के कारण यहां सभी नाम देना संभव नहीं।

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