
210-B में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति, डीईओ की सख्ती के बाद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति, भू-माफियाओं की नजर बंगले पर, सुप्रीमकोर्ट ने दिए हैं ध्वस्त करने के आदेश
मेरठ। डीईओ (रक्षा संपदा अधिकारी) की सख्ती के बाद भी बंगला २१०-बी में कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर हाथ झाड़ लिए गए हैं। कुछ भू-माफियाओं की नजर इस बंगले पर सुनी जाती है। जुलाई साल २०१६ में सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर इस बंगले में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की गयी थी। उसके बाद कुछ समय तक तक इस बंगले को लेकर लार टपकाने वाले शांत रहे, लेकिन जैसे ही मामला ठंड़ा पड़ा भू-माफियाओं का गिरोह एकाएक फिर से सक्रिय हो गया। धारा न्यूज ने प्रमुखता से इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद डीईओ ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन जितने बड़े स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए थे, वो नजर नहीं आ रही है। हां इतना जरूर किया गया कि जो पिलर खड़े किए गए थे वो भी ध्वस्त कर दिए गए। कैंट बोर्ड के इंजीनियरिंग सेक्शन के दस्ते ने कब्जा करने की नियत से लोहे का जो गेट लगाया गया था, उसको भी ध्वस्त कर दिया गया।
तो क्या हल्के में लिए गए डीईओ
डीईओ के आदेशों को संभवत हल्के में लिया गया। इतना जरूर किया गया कि कथित रूप से कब्जे की मंशा से इस बंगले में जो पिलर खड़े कर लिए गए थे, कैंट बोर्ड के इंजीनियरिंग सेक्शन हेड पीयूष गौतम के नेतृत्व में गई टीम ने उन्हें ध्वस्त कर संदेश दिया कि यदि इस बंगले पर कब्जे की मंशा महंगी पड़ेगी, यह बात अलग है कि इसके बाद भी इस बंगले के बड़े हिस्से पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं।
कैसे लगा दिए गए दुकानों पर शटर
हैरानी की बात तो यह है कि जुलाई साल 2106 में जिस हिस्से को ध्वस्त किया गया, वहां बनी दुकानों में शटर लगा लिए हैं, उनसे मोटी कमाई की जा रही है। भले ही एक पाई कैंट बोर्ड के खजाने में ना जा रही हो, लेकिन लगता है कि कैंट बोर्ड के स्टाफ की जेब जरूर गर्म कर दी गयी है।बोम्बे बाजार शिव चौक पर इस बंगले के एक हिस्से में सदर व्यापार मंडल का एक व्यापारी नेता पहले पार्किंग चलवा रहा था।
व्यापारी नेता चलाता था अवैध पार्किग
व्यापारी नेता के द्वारा पार्किग के चलाए जाने की जानकारी जब कैंट बोर्ड प्रशासन को मिली तो सीईओ ने सख्त एक्शन लेते हुए अवैध पार्किंग करने वालों को हटवा दिया था। इतना ही नहीं जिस स्थान पर सदर व्यापार मंडल के नेता पार्किंग चलवा रहे थे, उस जगह गहरी खाई भी खुदवा दी थी ताकि गाड़ियां उस ओर ना ले जायी जा सकें। यह खाई कब भर दी गयी और दोबारा से वहां पर गाड़ियों की पार्किंग शुरू करा दी गयी इसका रिकार्ड किसी के पास नहीं है। लेकिन इतना जरूर पता चला है कि बंगला २०१-बी के बाहर नान रोटी का काम करने वाले शख्स से अब पीछे के हिस्से जगह को घेरना शुरू कर दिया है। लेकिन कैंट बोर्ड उसकी हिमाकत से पूरी तरह से बे-खबर है। इसी की तर्ज पर इस बंगले में पिलर खड़े कर लिए थे, जिनको डीईओ के निर्देश पर कैंट बोर्ड ने कार्रवाई कर गिरा दिया है।