ट्रंप की हार्मूज जलडमरूमध्य में युद्ध पोत भेजने का आग्रह खारिज, लड़ाई से EU ने झाड़ा पल्ला, डेमोक्रेट से भी कर रहे आलोचना
नई दिल्ली। यूरोपीयन संघ समेत अमेरिका में ईरान से युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना हो रही है। यूरोपीयन संघ की विदेश मामलों की प्रवक्ता कॉजा काल्स ने कहा है कि ईरान यूद्ध यूरोपीय संघ का युद्ध नहीं है। इनके अलावा यूरोपीय संघ के कई अन्य देशों ने भी होर्मूज जलडमरूमध्य में डोनाल्ड ट्रंप के वॉरशिप भेजन का आग्रह फिलहाल ठुकरा दिया है। दरअसल यूरोपीय संघ ईरान युद्ध में खुद को झोंकने से परहेज बरत रहा है। अमेरीकी प्रतिनिधि सभा के एक शीर्ष डेमोक्रेट ने ईरान से लड़ाई मोल लिए जाने को लेकर ट्रंप की कड़े शब्दों में निंदा की है। सैन्य कर्मी से युद्ध विराेधी कार्यकर्ता बने एक अन्य अमेरीकन का कहना है कि ईरान और इजरायल के बीच चल रही लड़ाई में अमेरीका का रूख एकदम गलत है। यह स्वीकार्य नहीं है। विश्व भर में इसकाे लेकर अमेरिका की आलोचना की जा रही है। यह सब ट्रंप की वजह से हो रहा है।
ट्रंप के निशाने पर कई देश
होर्मूज जलडमरूमध्य को खोले जाने को लेकर उम्मीद के मुताबिक कुछ भी ना होने की वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति जबरदस्त तरीके से हताश हैं और इस हताशा में उन्होंने यूरोपीयन यूनियन समेत अमेरीकी जाे उनकी निंदा कर रहे हैं, वो सभी ट्रंप के निशाने पर हैं। ट्रंप का कहना है कि इन सभी को पछताना होगा। ट्रंप की नाराजगी नाटो देशों के रवैये को लेकर भी है। वो कह चुके हैं कि नॉटो देश खत्म हो जाएंगे। बचेगा इजरायल भी नहीं।
सोशल मीडिया पर नहीं लड़ी जाती लड़ाइयां
ईरान के शीर्ष कमांडर ने अमेरीका के राष्ट्रपति की कठोर लहजे में निंदा करते हुए कहा कि लड़ाइयों के लिए जंग के तपते रेगिस्तान में उतरना पड़ता है। एयरकंडीशन ड्राइंग रूम में बैठकर ट्रंप की तरह लड़ाइयां नहीं लड़ी जाती हैं। ट्रंप वैसा ही कर रहे हैं। अमेरिका यह लड़ाई हार चुका है। उसका मित्र इजरायल भी बुरी तरह से पस्त है। इन्होंने ईरानी ताकत का गलत अंदाजा लगाया। अमेरिका और इजरायल अब दूसरे देशों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। ईरानी अपने दम पर यह जंग लड़ रहे हैं। उन्हें जीतने से कोई नहीं रोक सकता।