होर्मूज जलडमरूमध्य में सैन्य हस्तक्षेप से इंकार, ब्रुसेल में जमा हुए थे यूरोपीय संघ के तमाम नेता, सैन्य हस्तक्षेप की ट्रंप की मांग को किया खारिज
नई दिल्ली। ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोपीय संघ के नेताओं ने झटका दे दिया है। उन्होंने ट्रंप को दो टूक बता दिया है कि तेल के नाम पर होर्मूज जलडमरूमध्य में सैन्य हस्तक्षेप का उनका कोई इरादा नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि होर्मूज जलडमरूमध्य में तमाम यूरोपीय और नाटो देश अपने बेड़े एक साथ भेजें। दरअसल ईरान ने कहा है कि वह अपने दुश्मनों को इस जल मार्ग से तेल और गैस नहीं ले जाने देगा। उन पर हमला करेगा और ईरान ऐसा कर भी रहा है।
जर्मनी व इटली का साफ इंकार
जर्मनी और इटली ने लडाई मे साथ देने से इंकार कर दिया है।जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने सोमवार को कहा कि बर्लिन का इस संघर्ष के दौरान सैन्य अभियानों में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। वेडफुल ने आगे कहा कि नाटो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जिम्मेदारियां संभालने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। इनके अलावा इतालवी विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि इटली किसी भी नौसैनिक मिशन में शामिल नहीं है जिसे उस क्षेत्र तक बढ़ाया जा सके।जबकि ट्रंप चाहते हैं कि बाकि देश उनके साथ आएं।
जल मार्ग पूरी तरह से बंद
जब से ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने हमले बोले हैं तब से युद्ध के परिणामस्वरूप जलडमरूमध्य लगभग पूरी तरह से बंद हो गया है, जिसमें अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी से ईरान भर में घातक हमले किए हैं। ईरान ने व्यापक मध्य पूर्व में मिसाइलों और ड्रोन दागकर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल मच गई है। इसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह से परेशान हैं।