



सब कुछ भाजपा मय फिर भी है बदहाल, कैंट विस, महापौर व पार्षद भाजपाई फिर भी पुरसा हाल नहीं वार्ड, वादा कर भूले महापौर
मेरठ। कैंट विधानसभा भाजपा का गढ़, बेगमबाग तिलक रोड भाजपा का गढ़, महापौर व पार्षद भी भाजपाई उसके बाद भी बेगमपुल से सटा बेगमबाग का नगर निगम के वार्ड 52 यह पूरा इलाका बदहाल है। इलाके की हालत देखकर लगता है कि भाजपाइयों को इससे कोई सरोकार नहीं रह गया है। शुरूआत महापौर हरिकांत अहलूवालियां के पुश्तैनी घर यानि तिलक रोड से करते हैं। इन दिनों तो चलो बरसात है, लेकिन मौसम ठीक भी हो तो भी यहां से गुजरना दुश्वार हो जा जाता है। नाले नालियों की नियमति सफाई कब से नहीं हो रही यहां के निवासियों का कहना है कि गंदगी और सड़ांध में रहने की आदत बन जाने की वजह से उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। बारिश हो या ना हो, लेकिन यहां आए दिन पानी भर जाता है। पानी भर जाने की वजह नालियों की सफाई ना हो ना है।
सबसे बुरा हाल गलियों का
बेगमबाग में रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट पुनीत शर्मा, दवा कारोबारी अवनीश शर्मा, हाउस बाइफ अनुपमा रस्तौगी व अनुपमा शर्मा बताती हैं कि बेगमबाग इलाके की पहचान महापौर के गृह क्षेत्र के रूप में की जाती है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया का पुश्तैनी आवास तिलक रोड यहां से ठीकअगली गली में है। उन्होंने बताया कि जिस वक्त महापौर का चुनाव चल रहा था उस वक्त हरिकांत अहलूवालिया जब प्रचार के लिए आते थे तो वह दावा करते थे कि पूरे महानगर में यह इलाका सबसे सुंदर और शानदार होगा। यहां की सड़कों व गलियों की तुलना महानगर की पॉश सोसाइटी की सड़कों से की जाएगी। नियमति रूप से साफ सफाई व पथ प्रकाश की व्यवस्था इसी वार्ड में होगी, लेकिन उनके तमाम वादे झूठे साबित हुए।
वोट डालने से कर दिया था इंकार
इस वार्ड के तिलक रोड के निवासी बताते हैं कि जब चुनाव चल रहे थे उस दौरान तिलक रोड की बदहाल से नाराज होकर भाजपाइयों से कह दिया था कि रोड खराब है वोट डालने कैसे जाएंगे। तब नाराजगी को भांपकर भाजपा संगठन के पदाधिकारियों ने यहां मरम्मत का काम करा दिया था, लेकिन उसके बाद पलट कर नहीं आए, लोगों ने तो अपना वादा पूरा किया। वोट दिया और हरिकांत अहलूवालिया महापौर बन गए, लेकिन इस इलाके की सबसे बुरी गली तिलक रोड आज भी पहले जैसी ही बदहाल है।
सांस लेना भी है दुश्वार
बेगमपुल से कचहरी की ओर जाने वाली दयानंद गुप्ता नर्सिंगहोम वाली रोड के बराबर से बहने वाले नाले का निर्माण चल रहा है। इसके चलते यहां नाले नाले के किनारों की सफाई करायी गयी। सफाई कराए जाने के बाद जो मिट्टी निकाली गयी उसको हटवाने के बजाए नाले के किनारे पर ही छोड़ दी गयी। लोगों ने बताया कि दो दिन से हो रही बारिश की वजह से नाले से निकाली गयी गंदगी पूरी सड़क पर फैल गयी है। यह गंदगी बाइक व कारों के टायरों से चिपक कर घरों में जा रही है। घरों में भी गंदगी पसर गयी है। इसके अलावा सबसे बड़ी मुसीबत बेगमपुल से कचहरी तक का रास्ता पार करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि नाले से निकाली गयी गंदगी हटायी नहीं गयी है। उससे सड़ांध उठती रहती है। लोगों ने बताया कि वार्ड के पार्षद व महापौर को इतनी फुर्सत नहीं कि अपने वार्ड की सुध ले सकें।