बार की पांच साल की रोक

kabir Sharma
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ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन की शिकायत पर की गई बड़ी कार्रबाई

इलाहाबाद । गंभीर आरोपों के चलते यूपी बार काउंसिल ने अरविंद कुलश्रेष्ठ पर पांच साल के लिए किसी भी कोर्ट आॅफ लॉ, ट्रिब्यून व लीगल फर्म में प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है। उन पर झूठे आरोप लगाकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने और जेल भिजवाने की धमकी देकर दो लाख की मांग करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने जो मुकदमा दर्ज कराया था जांच में वो फर्जी निकला। उनको लेकर जब यूपी बार काउंसिल में शिकायत की गई तो उन पर लगाए गए तमाम आरोप सही पाए गए तथा बार काउंसिल ने किसी भी कोर्ट आॅफ लॉ, ट्रिब्यून व लीगल फर्म में प्रैक्टिस पर रोक लगा दी। साथ ही इसकी निगरानी कोर्ट को सौंपी गयी है। यह पूरा मामला ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि शरद जैन व रंजीत जैन के साथी अरविंद कुलश्रेष्ठ ने उन्हें डरा धमका कर व झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी देकर पचास हजार रुपए ऐंठ लिए। उसके बाद एक लाख की मांग की गई। संजय जैन ने बताया कि यह रकम ना दिए जाने पर उनके खिलाफ 156/3 सीआरपीसी के अंतर्गत 12 जनवरी 2024 को मुकदमा दर्ज करा दिया गया इसके बाद उनसे दो लाख की मांग की गई। नाजायज मांगों को पूरा ना किए जाने के चलते ही उनके स्कूलों को झूठी बातें फैलाकर मीडिया में भी बदनाम किया। संजय जैन ने बताया कि इस कृत्य से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई। मिथ्या प्रचार के चलते बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ा। बाद में स्वयं वादी बनकर मिथ्या आरोप लगाकर पुलिस की अलग-अलग ऐजेंसियों में शिकायतें की जांच में वो गलत पाईं गर्इं। इस बीच मोटी रकम के लिए अरविंद कुलश्रेष्ठ बराबर दबाव बनाता रहा। रंजीत जैन व शरद जैन जिनका ऋषभ एकाडेमी से कोई वास्ता नहीं, जिन्हें वहां से निष्कासित किया जा चुका है। सदस्यता तक खत्म की जा चुकी है उनसे मिलकर धन उगाही पर अमादा रहा और पेशे को बदनाम करने का काम किया। डा. संजय जैन के आरोपों पर आॅबरवेशन के बाद यूपी बार काउंसिल ने अरविंद कुलश्रेष्ठ पर पांच साल के लिए किसी भी कोर्ट आॅफ लॉ, ट्रिब्यून व लीगल फर्म में प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है।

नोट- यहां विशेष रूप से यह भी जानकारी में लाना चाहेंगे कि अधिक्ता अरविंद कुलश्रेष्ठ, रंजीत जैन व शरद जैन से उनका पक्ष जानने का काफी प्रयास किया गया लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हाे सका, लेकिन यदि वह अपना पक्ष रखना चाहेंगे तो उसका भी ऐसे ही प्रमुखता से लिया जाएगा।

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