हरसत भाग्य विधाता की हैं अनपढ़

हरसत भाग्य विधाता की हैं अनपढ़
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हरसत भाग्य विधाता की हैं अनपढ़,  मेरठ। लोकसभा चुनाव में जिन्हें वोट देकर हम अपना भाग्य विधाता बनाने की हरसत पाले हुए हैं उनमें से कई के इलम यानि पढाई की यदि बात करें तो कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें लगता है कि पढ़ाई काटने को दौड़ती थी। पढाई के नाम पर कुछ तो दर्जा पांच से आगे बढ़े ही नहीं। यह भी गारंटी नहीं कि दर्जा पांच भी पास किया है या नहीं। आप यकीन करें या ना करें, लेकिन यह हकीकत है। पहले चरण में अस्सी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें से तीन प्रत्याशी ऐसे हैं जिन्होंने अपने हल्फनामे में पांचवीं तक की पढ़ाई की जानकारी दी है। दूसरी ओर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मैदान में उतरे 114 उम्मीदवार कक्षा 8 तक शिक्षित हैं। 12 ने खुद को “अनपढ़” घोषित किया है। उत्तर प्रदशे में लोकसभा के चुनाव के पहले चरण को लेकर जो रिपोर्ट इस क्षेत्र में काम करने वाली ऐजेन्सियां हैं, उन्होंने पेश की है वो चौंकाने व शर्मसार करने वाली है। साथ ही सवाल उस आम जनता पर भी कि किस को अपना भाग्य विधाता बनाना चाहते हैं। पहले  चरण के 80 में 30 यानी 38% उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वीं के बीच घोषित की है। एडीआर यानि एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोट में कहा गया है कि  41 (51%) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा बताई हैं। एक उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक घोषित की है। सात उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर और एक उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता निरक्षर घोषित की है। उम्मीदवारों की आयु की बात करे तो 80 में 23 (28.75%) उम्मीदवारों की उम्र 25 से 40 वर्ष है। 47 (58.75%) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 41 से 60 वर्ष के बीच बताई है। 10 (12.50%) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 61 से 80 साल बताई है।प्रदेश की पहले चरण की 8 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे 80 प्रत्याशियों में 28 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 29 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसका खुलासा इलेक्शन वॉच और असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने उम्मीदवारों के शपथ पत्रों के विश्लेषण के बाद किया है। पहले चरण में यूपी की बिजनौर, कैराना, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, नगीना, पीलीभीत, रामपुर और सहारनपुर सीटें हैं। इन सीटों के उम्मीदवारों की ओर जमा कराए गए शपथ पत्रों के आधार पर एडीआर की रिपोर्ट आई है।

 

बसपा उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक बसपा के 8 से 5 (63%), सपा के 7 में 3 (43%) बीजेपी के 7 में 3 (43%), जय समता पार्टी के 2 में 2 (100%), आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के 1 में 1 (100%), रालोद के 1 में 1 (100%) , कांग्रेस के 1 में 1 (100%) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। बसपा के 50%, सपा के 29%, बीजेपी के 14%, जय समता पार्टी, आजाद समाज पार्टी, रालोद और कांग्रेस के 100% उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

चंद्रशेखर पर सबसे अधिक केस

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगीना से उम्मीदवार चंद्रशेखर पर सबसे अधिक 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के सहारनपुर से उम्मीदवार इमरान मसूद पर 8 और तीसरे नंबर पर रामपुर से अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अरशद वारसी पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

सिर्फ 7 महिला प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव 2024 के आगाज में महिलाओं की स्थिति भी सामने आ गई है। पहले चरण के चुनाव में महिलाओं की संख्या बेहद कम है। पहले चरण में 7 यानी (9%) महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही है।

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