12 अक्तूबर 025 को दर्ज कराई थी डकैती की FIR, पीड़ित ने लगायी है हाईकोर्ट से गुहार, एडवोकेट सुनील चौधरी को सुनने के बाद कोर्ट के आदेश
इलाहाबाद/मेरठ। जनपद मेरठ में थाना ट्रांसपोर्ट नगर में व्यापारी जितेंद्र वर्मा निवासी ठठेर वाड़ा मेरठ ने आकाश अग्रवाल व उनके बेटे अभिषेक अग्रवाल सहित जावेद उर्फ जय व अन्य के विरुद्ध अवैध तरीके से बंधक बनाकर 28 लाख की डकैती के मामले में थाना ट्रांसपोर्ट नगर में 12 अक्टूबर 2025 को मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण याची जितेंद्र वर्मा ने यालय में रिट याचिका दाखिल की है जिसको सुनने के बाद हाईकोर्ट ने SSP मेरठ को निर्देशित किया है।
एडवोकेट सुनील चौधरी ने की जिरह
याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता व अचल सचदेव के समक्ष बहस में बताया कि याची व्यापारी है उसको आरोपियों ने घर बुलाकर जबरन हथियारों के दम पर बंधक बनाकर 28 लाख रुपए नगद मंगवाकर व मोबाइल से ट्रांसफर कराकर हड़प लिए व साथ मे दो चेक एवं अन्य दस्तावेज को आकाश अग्रवाल व उसके पुत्र अभिषेक अग्रवाल अपने साथी जावेद उर्फ जय व अन्य के साथ मिलकर बंधक बनाकर याची के मोबाइल के द्वारा ट्रांसफर कराकर व अपने आदमी को याची के परिवार व रिस्तेदारो व्यापारियों के यहां भेज कर याची को फोन पर बात कराकर रुपए मंगवा कर लूट लिए ।याची के मित्र और परिवार को मोबाइल लोकेशन से जानकारी होने पर उन्होंने किसी तरह याची को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया।याची पर जबरदस्ती पिस्टल लगाकर चेक व एटीएम भी छीन लिए।
कोर्ट जारी हो चुके हैं NBW
विवेचना में डकैती की घटना सही पाए जाने पर विवेचनाधिकारी ने न्यायालय से आरोपियों के विरुद्ध एन बी डब्लू भी जारी करा लिया है, लेकिन आरोप है कि सत्ताधारी BJP से जुड़े होने के कारण कोई अब तक कोई गिफ्तारी नही हो पाई क्योंकि BJP के वरिष्ठ नेताओं के साथ होल्डिंग पर अपनी फोटो लगवा कर पुलिस पर दबाव बना रखा है। SSP को शिकायत भी किया था लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।आरोपीगण याची व उसके परिवार को धमका रहे है ।याची व उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए । इस पर याची अधिवक्ता को सुनकर हाईकोर्ट ने SSP मेरठ को याची के प्रार्थना पत्र में शिकायत पर निर्णय लेने व निष्पक्ष बिना किसी भेद भाव के जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।