कैसे मनाए त्यौहार सरकार

kabir Sharma
4 Min Read
WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now

या तो प्रबंधन की बात मानों या फिर बगैर सेलरी दिन काटो, भले ही परिवार भूखों की क्यों ना मरे

लखनऊ/मेरठ। PVVNL के तमाम कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें दो माह का वेतन नहीं मिला है,ऐसे कर्मचारियों की बहनें राखी जैसे पर्व पर उनका इंतजार करती रह गईं, क्योकि उनके पास बहनों को शगुन देने के पैसे तक नहीं थे, इसलिए बहनों के पास नहीं जा सके। इन कर्मचारियों का कसूर केवल इतना भर है, क्योंकि इन्होंने उस फरमान के खिलाफ आवाज उठाई जो इनकी स्वतंत्रा को छीनने वाला है। प्रबंधन चाहता है कि सभी कर्मचारी अपने मोबाइलों में एक खास ऐप डाले, लेकिन जिन कर्मचारियों ने इस नादिरशाही फरमान के खिलाफ आवाज बुलंद की उनकी सेलरी रोक दी गयी। कर्मचारी नेता अभिमन्यु जो PVVNL MD से हुई वार्ता का हिस्सा थे, उन्होंने बताया कि जिस आधार को लेकर प्रबंधन मोबाइल में यह खास ऐप डलवाना चाहता है, वो किसी भी कर्मचारी की गाेपनीयता छीनता है। जहां तक हाजरी की बात है तो उसके लिए टाइम ऑफिस में एक खास मशीन लगाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि MD को बताया गया कि जिन कर्मचारियों के पास की पेड वाला मोबाइल है वो क्या करेंगे। यदि प्रबंधन को यह ऐप डलवाना है तो अपनी ओर से मोबाइल मुहैय्या कराए। इसके अलावा वार्ता के दौरान कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर को भी एक सिरे से खारिज कर दिया गया। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि केवल ऊर्जा की खपत जानने के लिए यह मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस संबंध में बताया गया कि जब तक संगठन के केंद्रीय नेताओं की बातचीत नहीं हो जाती तब तक स्मार्ट मीटर को ना है। जिन अन्य मुद्दों पर चर्चा की उनमें LMV-10 मीटरिंग केवल ऊर्जा खपत के आंकलन हेतु निगम मुख्यालय स्तर पर लागू की जा रही है। संघ ने दो टूक कहा कि इस निर्णय पर केंद्रीय स्तर की सहमति के बिना किसी प्रकार की मीटरिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। वर्तमान में संघ की इस पर सहमति नहीं है और LMV-10 मीटरिंग का विरोध यथावत जारी

फीडर मैनेजर की जिम्मेदारियाँ:

प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि फीडर मैनेजर की जिम्मेदारियाँ नियमानुसार तय की गई हैं और किसी भी तकनीकी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं होगा। संघ ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्याप्त संसाधनों के अभाव में यह व्यवस्था शोषण का कारण बन सकती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य एवं उत्तरदायित्व पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सौंपे जाएंगे

स्थानांतरण नीति पर चर्चा:

- Advertisement -

प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान स्थानांतरण सत्र में प्राप्त सभी आवेदनों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया गया है। पूर्व वर्षों से लंबित प्रकरणों पर पुनः आवेदन प्रस्तुत करने का सुझाव दिया गया, जिस पर संघ ने आग्रह किया कि लंबित मामलों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार सुनिश्चित किया जाए।

इस वार्ता में पश्चिमांचल कार्यकारिणी राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद वसीम, पश्चिमांचल संरक्षक विपुल कांबोज, पश्चिमांचल अध्यक्ष कवितेंद्र बच्चस, पश्चिमांचल उपाध्यक्ष बालकिशन और पश्चिमांचल महासचिव – अभिमन्यु कुमार शामिल हुए। प्रबंधन की ओर से MD ईशा दुहन, निदेशक आशु कालिया, मुख्य अभियंता सगीर अहमद आदि भी शामिल रहे।


WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *