मिडिल ईस्ट संकट के चलते मोदी सरकार का फैसला, PNG को किया अनिवार्य, यदि PNG की लाइन है तो लेनी होगी जरूरी वर्ना LPG भी नहीं
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट के संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने अब कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। ये कड़े फैसले कड़वी दवा की मानिंद माने जाने चाहिए। कड़बी दवा यानि मर्ज का इलाज। ऐसा ही कुछ मोदी सरकार ने आज कर दिया है। दरअसल ये फैसला रसोई गैस को लेकर मची मारामारी के चलते लिया गया है। इस समय पूरे देश में रसोई गैस की भारी परेशानी है। लोगों को लंबी कतारों में देखकर अब यह निर्णय सरकार की ओर से लिया गया है। साथ ही सरकार ने PNG का प्रोडेक्शन बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि जहां पर PNG की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां लोगों को अब पीएनजी कनेक्शन लेना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग PNG कनेक्शन लें, इसके लिए ही ये फैसला लिया गया है।
LPG के बजाए PNG को तरजीह
लड़ाई कीतनी लंबी चलेगी यह तय नहीं किया जा सकता। इसलिए सरकार का प्रयास है कि लोगों की रसोई गैस पर निर्भरता कम कर दी जाए और PNG को तरजीह दी जाए। सरकार का कहना है कि जहां पर भी PNG कनेक्शन के लिए काम पूरा हो गया है, वहां के लोगों को LPG कनेक्शन छोड़ना होगा। अगर लोग ऐसा नहीं करते हैं तो उनका एलपीजी कनेक्शन काट दिया जाएगा। देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिससे लोगों को सिलिंडर की बुकिंग से भी छुटकारा मिल सके और उनके घरों तक सीधे पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचे।
तेल की नहीं कोई कमी
मोदी सरकार ने देशवासियों को यह भरोसा दिलाया है कि कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। सरकार के पास कच्चे तेल का अकूत भंडार है। इसलिए मिडिल ईस्ट के तनाव को देखते हुए पैनिक लेने की जरूरत नहीं है। लोग संयम बनाए रखें। सोशल मीडिया की अनाप-शनाप खबरों से दूरी रखें। देश में पर्याप्त कच्चा तेल है। तेल की कोई कमी नहीं है।