ईरान इजराइल आमने सामने

kabir Sharma
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ताजा हमले के बाद बौखलाया इजराइल, बदले के लिए छटपटाहट, कभी भी हो सकता है ईरान पर बड़ा मिसाइल अटैक, बड़े नुकसान की आशंका से इंकार नहीं

नई दिल्ली/तेहरान/यरुशलम। नए साल के पहले दिन इजराइल पर ईरान के मिसाइल अटैक के बाद दाेनों देश आमने सामने आ गए हैं। दुनिया में एक और जंग का मोर्चा खुलना तय माना जा रहा है। इस बार ईरान की मिसाइल ताकत देखकर इजराइल शुरूआत से पहले नफा नुकसान सोच लेना चाहता है। इन दोनाें देशों के बीच अब तक छद्म युत्र चल रहा था जो साल के पहले दिन ईरानी हमले के बाद सीधे जंग के एलान में बदल गया है। दरअसल ईरान के धार्मिक नेता ने उस वक्त चेतावनी दी थी जब इजराइल के हमले के उसकी सेना के सबसे महत्वपूर्ण कमांडर मारे गए थे। अब बारी इजराइल की है।

दोनों के बीच दशकों पुरानी अदावत

इन दोनों कट्टर दुश्मनों के बीच कई दशक पुरानी दुश्मनी है जिसको लेकर अब ये एक दूसरे को निपटाने पर अमादा है। इसकी शुरूआत सालों पहले हुए थी हालांकि साल 2024 में ये खुलकर सामने आ गए थे। जब ईरान ने इजराइल पर दो बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह संघर्ष अप्रैल 2024 से शुरू हुआ और जून 2025 में पूर्ण युद्ध तक पहुंच गया, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हालांकि जून 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हो गया था। इससे पहले इस फसाद की शुरूआत 1 अप्रैल 2024 को हुई, जब इजराइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी दूतावास परिसर पर हमला किया। इस हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद रेजा जाहेदी समेत कई अधिकारी मारे गए। ईरान ने इसे “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताते हुए बदला लेने की धमकी दी।

बार-बार ले रहा बदले ईरान

ईरान मौका मिलते ही इजराइल पर हमला करता है। दुनिया के देश अब कहने लगे हैं कि ईरान बार-बार बदले ले रहा है। 13 अप्रैल 2024 को ईरान ने “ट्रू प्रॉमिस” नामक ऑपरेशन के तहत इजराइल पर 300 से अधिक ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल दागे। यह हमला इजराइल के इतिहास में सबसे बड़ा हवाई हमला था। इजराइल की आयरन डोम और एरो डिफेंस सिस्टम ने 99% हमलों को रोक लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें ने ivatim एयरबेस को मामूली नुकसान पहुंचाया। हमले में एक बेदुईन बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई और कुल 35 नागरिक प्रभावित हुए। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जॉर्डन ने इजराइल की मदद की वर्ना इजराइल बर्बाद हो गया होता। इसके बाद इजराइल ने 19 अप्रैल को जवाबी कार्रवाई की, जिसमें ईरान के इस्फहान शहर के पास सैन्य ठिकानों और परमाणु सुविधा के रडार सिस्टम पर हमले किए गए। 1 अक्टूबर 2024 को ईरान ने इजराइल पर 200 बैलिस्टिक मिसाइल दागे, जो हनिया और अन्य हत्याओं का बदला था। इजराइल ने अधिकांश मिसाइलें रोकीं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में क्षति हुई। 26 अक्टूबर को इजराइल ने ईरान पर जवाबी हमले किए, जिसमें तेहरान, करज और मशहद के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने “कड़ी प्रतिक्रिया” की चेतावनी दी। धार्मिक नेता की चेतावनी साल के पहले दिन सही साबित हुई। इजराइल में दहशत है।

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