दो बार संभाली बंगलादेश की सत्ता, अरसे से चली रही थीं बीमार, लंदन में चल रहा था इलाज, कुछ समय पहले आयीं थी बंगलादेश
नई दिल्ली/ढाका। बंगलादेश की पहली प्रधानमंत्री और भारत की हमदर्द खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद आज सुबह निधन हो गया। अस्सी साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।BNP ने आधिकारिक बयान में कहा कि खालिदा जिया ने फज्र की नमाज के ठीक बाद सुबह 6 बजे ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। दुनिया में जो दर्जा श्रीमती इंदिरा गांधी का हासिल था यानि आयरन लेडी वही दर्जा बंगलादेश में खालिदा जिया यानि बंगलादेश की आयरन लेडी खालिदा जिया को “आयरन लेडी” और “आपसहीन नेता” कहा जाता था। उनका निधन बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े युग का अंत है। उनके चाहने वाले लाखों में शोक मना रहे हैं। उनके जनाजा और दफन की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
अरसे से थी बीमार
खालिदा जिया को लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, हार्ट, किडनी और लंग्स की गंभीर समस्याएं शामिल थीं। पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार थीं। 2025 की शुरुआत में लंदन में चार महीने इलाज कराने के बाद वे मई में बांग्लादेश लौटी थीं। नवंबर से वे एवरकेयर हॉस्पिटल के CCU में भर्ती थीं, जहां लाइफ सपोर्ट पर थीं। उनके निजी चिकित्सक प्रोफेसर AZM जाहिद हुसैन ने कल ही कहा था कि उनकी हालत “अत्यंत गंभीर” है।
पति की हत्या के बाद संभाली बागडौर
खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945, दिनाजपुर में हुआ। पति पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान (1981 में हत्या) के बाद उन्होंने साल 1991-1996 और 2001-2006 (दो पूर्ण कार्यकाल)। 981 में पति की हत्या के बाद राजनीति में प्रवेश किया और सैन्य तानाशाह एरशाद के खिलाफ आंदोलन में अहम भूमिका अंजाम दी। 2018 में भ्रष्टाचार के मामले में जेल, लेकिन 2024 में हसीना के सत्ता से हटने के बाद रिहा। 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों में बरी कर दिया, जिससे फरवरी 2026 चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया था, लेकिन बीमारियों ने उन्हें घेर लिया था।
इन्होंने किया शोक व्यक्त
भारत समेत तमाम देशों ने खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद युनूस ने “गहरा दुख” व्यक्त किया और उन्हें “देश की महान संरक्षक” कहा। BNP ने सात दिनों का शोक घोषित किया। पार्टी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा, “हम गहन शोक में हैं।”