प्रदर्शनकारियों को क्रर सजाएं, ट्रंप की फौजी कार्रवाई का नहीं कोई असर, अब तक पांच हजार प्रदर्शनकारी मार डाले
नई दिल्ली/तेहरान/न्यूयार्क। आखिरकार अमेरिका और इजराइल को ईरान के सामने घुटने टेकने ही पड़े। प्रदर्शनकारियों पर सख्ती को लेकर ट्रंप की ईरान पर हमले की चेतावनी का ईरान के धार्मिक नेता खुमैनी पर कोई असर नहीं हुआ। अलबत्ता इतना जरूर हुआ कि प्रदर्शनकारियों पर पहले से ज्यादा सख्ती कर दी गयी। ईरान ने अमेरिका की सख्त धमकियों और ट्रंप की “सैन्य हस्तक्षेप” वाली चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। प्रदर्शन अब दब गए हैं, इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, लेकिन गिरफ्तार युवाओं जैसे 21 साल के सामान पलंगी पर मौत की सजा का खतरा मंडरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय (UN, Amnesty, HRW) ने इसे “क्राइम्स अगेंस्ट ह्यूमैनिटी” कहा है और जवाबदेही की मांग की है।ईरान की सख्ती से साफ है – वो अमेरिकी धमकियों से नहीं डरा, बल्कि अपनी पकड़ और मजबूत कर रहा है। लेकिन ये क्रूरता दुनिया भर में आक्रोश बढ़ा रही है।
क्रूर सजाएं
अमेरिका के प्रेसीडेेंट की फौजी कार्रवाई से बेपरवाह ईरान की हुकूमत अब प्रदर्शनकारियों पर बेहद क्रूर कार्रवाई पर उतारू है। इनमें सरेआम फांसी पर लटाए जाने या फिर गोली मार दिए जाने जेसी सजा शामिल हैं। लाखों लोग जेल में नारकीय जिंदगी को मजबूर हैं। जिदंगी से बेहतर उन्हें मौत लग रही है। इन जेलों में मानवीय सुविधा तक नहीं हैं। तेहरान की सत्ताधारी व्यवस्था प्रदर्शनकारियों पर अपनी क्रूर कार्रवाई जारी रखे हुए है और अब गिरफ्तार लोगों को बेहद सख्त सजाएं दे रही है और अमेरिका कुछ नहीं कर पा रहा है। लाचार बना हुआ है।
पांच हजार को मार डाला
ईरान में हुए देश व्यापी प्रदर्शन के दौरान फौजियों ने हजारों को मार डाला। मानवाधिकार संगठनों की अपुष्ट रिपार्ट की मानें तो पाच हजार को मार दिया गया और करीब तीस हजार से ज्यादा जेलों में यातना के लिए ठूंस दिए गए हैं। ये प्रदर्शन पहले आर्थिक संकट और महंगाई से भड़के थे, लेकिन जल्दी ही “रिजीम चेंज” की मांग में बदल गए। इस दौरान सुरक्षा बलों ने हजारों लोगों को मार डाला।
प्रदर्शनकारियों पर नरमी बरते से इंकार
ईरान के ज्यूडिशियरी चीफ घोलामहुसैन मोहसनी-एजेई ने तेज ट्रायल और “कोई नरमी नहीं” की बात कही, स्पेशल कोर्ट्स बनाए गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देगा तो “बहुत सख्त कार्रवाई” होगी। उन्होंने सैन्य तैयारी दिखाई, लेकिन ईरान ने इसे चुनौती दी और कहा कि वो “सब कुछ से जवाब देगा”। ट्रंप ने बाद में कहा कि “किलिंग्स रुक गई हैं” और कोई बड़े पैमाने पर फांसी नहीं होगी, लेकिन ईरान की न्यायपालिका अब भी “डिटरेंट पनिशमेंट्स” की बात कर रही है।