“कान्हा बरसाने में आई जइयो बुलाए गई राधा प्यारी”, “फाग खेलन आए हैं नटवर नंद किशोर”, “सब जग होरी, जा ब्रज होरा”
नई दिल्ली/बरसाना। ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी राधा रानी के बरसाना में लठमार होली की धूम है। लुलियारे पूरे ब्रज से लठमार होली के लिए बरसाना पहुंचे और लठमार होली खेली। बड़ी संख्या में हुरियारे नंदगांव वे लठमार होली खेलने को बरसाना पहुंचे। बरसाने में लठमार होली के लिए इनका इंतजार किया जा रहा था। जैसे ही ये हुरियारे नंदगांव पहुंचे गोपियों का स्वरूप लिए महिलाएं इन पर टूट पड़ी। लठमार होली का ब्रज की होली में सबसे ज्यादा महत्व है। लाठमार होली परंपरागत उत्साह व श्रद्धा के साथ खेली जाती है।
लठमार होली यानि मस्ती और माहौल
एक अलग तरह से खेली जाती है जिसे लठमार होली कहते हैं। ब्रज में वैसे भी होली ख़ास मस्ती भरी होती है क्योंकि इसे श्रीकृष्ण और श्रीजी यानि राधा रानी के प्रेम से जोड़ कर देखा जाता है। यहाँ की होली की यदि बात करें तो बाकि दुनिया में होली और नदंगांव में होरा यानि मस्ती और माहौल और भक्ति का अनूठा संगम। नंदगांव के पुरूष और बरसाने की महिलाएं इसमें भाग लेती हैं, क्योंकि कृष्ण नंदगाँव के थे और राधा बरसाने की थीं। नंदगाँव की टोलियाँ जब पिचकारियाँ लिए बरसाना पहुँचती हैं तो उनपर बरसाने की महिलाएँ खूब लाठियाँ बरसाती हैं। पुरुषों को इन लाठियों से बचना होता है और साथ ही महिलाओं को रंगों से भिगोना होता है। नंदगाँव और बरसाने के लोगों का विश्वास है कि होली का लाठियों से किसी को चोट नहीं लगती है। अगर चोट लगती भी है तो लोग घाव पर मिट्टी मलकर फ़िर शुरु हो जाते हैं।
ब्रज की होली भांग और ठंडाई
होली और वो भी ब्रज की इसलिए उसमें भांग व ठंडाई ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता। भांग ठंडाई का इसके लिए ख़ूब इंतज़ाम होता है। फिर बरसाने की तो बात ही अगल है। कीर्तन मण्डलियाँ “कान्हा बरसाने में आई जइयो बुलाए गई राधा प्यारी”, “फाग खेलन आए हैं नटवर नंद किशोर” और “उड़त गुलाल लाल भए बदरा” जैसे गीत गाती हैं। कहा जाता है कि “सब जग होरी, जा ब्रज होरा” याने ब्रज की होली सबसे अनूठी होती है।
विदेशों से आते हैं देखने
बरसाने की लठमार होली का आनंद लेने के लिए केवल देश ही नहीं पूरी दुनिया से लोग यहां आते हैं। तमाम कृष्ण भक्त होली के मौके पर ब्रज में आ जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या इस्कॉन के भक्तों की होती है। देश के तमाम इलाकों से यहां लोग बरसाने की लठमार होली खेलने के लिए आते हैं। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरसाने की लठमार होली देखने धार्मिक महत्व भी है।