शक्तिशाली रॉकेट LVM3-M6 लांच, श्रीहरिकोटा से की गयी लांचिंग, इसरो की उपलब्धियों में एक और इजाफा, इसरों ने की सेंचुरी पार
नई दिल्ली/श्रीहरिकोटा। (आंध्र प्रदेश)। इसरों की उपलब्धियों में आज तडके एक ओर इजाफा हो गया जब शक्तिशाली रॉकेट LVM3-M6 की लॉचिंग की गई। इस लाॅचिंग की दुनिया भर के वैज्ञानिकों में चर्चा की जा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सुबह 8:54 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3-M6 (जिसे ‘बाहुबली’ भी कहा जाता है) लाॅच किया। इसके साथ ही राकेट लॉचिंग में इसरो ने सेंचुरी पार कर ली। इस उपलब्धी के लिए आज देश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को सभी वैज्ञानिक याद कर रहे हैं। जिन्होंने इसरो की स्थापना कराई थी।
अमेरिकी कंपनी नेक्स्ट जेनरेशन का सेटलाइट
जिस सेटलाइट को श्रीहरिकोटा से इसरों के वैज्ञानिकों ने लॉच किया है वह एक अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के नेक्स्ट-जेनरेशन ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट है। इस को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। यह इसरो का 101वां लॉन्च मिशन है और दुनिया भर में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।
मोबाइल टावरों की होगी जरूरत खत्म
इसरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस लॉचिंग के बाद मोबाइल टावरों की जरूरत या कहें निर्भरता खत्म हो जाएगी या कम हो जाएगी। क्योंकियह उपग्रह विशेष रूप से डिजाइन किया गया है जो बिना मोबाइल टावर के सीधे स्मार्टफोन को अंतरिक्ष से उच्च गति वाली सेल्युलर ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करेगा। इससे दुर्गम पहाड़ी इलाकों, जंगलों, समुद्रों और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक करीब 2 अरब लोगों की जिंदगी बदल सकती है, खासकर विकासशील देशों में जहां नेटवर्क की पहुंच अभी भी चुनौती है।
लॉचिंग अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक
इसरो प्रमुख ने लॉन्च के बाद कहा, “यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक है और वैश्विक संचार क्रांति में हमारा योगदान है।” अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल ने भी इसरो को धन्यवाद देते हुए इसे ‘ऐतिहासिक साझेदारी’ बताया।यह घटना दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि यह स्पेस-बेस्ड डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम है, जो स्टारलिंक जैसी सेवाओं को टक्कर देगा।
पीएम मोदी ने दी बधाई
यह मिशन भारत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला है। पीएम मोदी ने इस सफलता के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘भारत ने अंतरिक्ष में एक बड़ी छलांग लगाई है।