बैंच के लिए पीएम से मिलेंगे अधिवक्ता, सांसद अरुण गोविल ने पीएम मोदी को लिखा बैंच के लिए पत्र
नई दिल्ली। सांसद अरुण गोविल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बैंच की स्थापना को संबंध अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से भेंट को आग्रह किया है। 24 जून को लिखे गए पत्र के बाद सांसद का पीएम को यह दूसरा पत्र है, जिसमें उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अनुरोध किया है। सांसद ने कहा कि इलाहाबाद हाइकोर्ट की बैच मेरठ में स्थापित करना आवश्यक है। इस विषय पर अधिवक्ता लगातार आंदोलनरत हैं और वर्ष 1981 से अभी तक प्रत्येक शनिवार को सभी न्यायालयों में पूर्णत हड़ताल रहती है, जो देश के न्यायिक इतिहास में संभवत: सबसे लंबी हड़ताल है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और अधिवक्ता इस मांग को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लगभग 6 करोड़ आबादी को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उच्च न्यायालय की 4 ब्रांच हैं, मध्य प्रदेश में 2 ब्रांच हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश इतना बड़े होने के बाद भी यहाँ एक ही हाईकोर्ट है। जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए न्याय प्राप्त करना मुश्किल बना देता है। उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि वह अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने को कुछ समय दें, ताकि वे अपनी बात सीधे उनके समक्ष रख सकें। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की एक बैंच मेरठ में स्थापित होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को न्याय प्राप्त करने में आसानी होगी और उन्हें इलाहाबाद तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी और लोगों को न्याय प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
सांसद ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि पीएम के साथ विचार-विमर्श करने से इस गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में निश्चित रूप से प्रगति होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि पीएम उनके आग्रह पर गंभीरता से विचार करेंगे।