प्रदर्शनकारी जिंदगी से कर रहे हैं तौबा, मांग रहे हैं सरकार से मौत, प्रदर्शनकारियों को दी जा रही है ईरान में क्ररतम सजा
नई दिल्ली/तेहरान। सीआईए और मोसाद ऐजेंटों के उकसावे में आकर धार्मिक नेता के खिलाफ प्रदर्शन व आगजनी करने वालों को ईरानी सरकार क्रूरतम सजा रहे रही है। ऐसी सजा जिसके बाद खुद ही अरेस्ट किए गए लोग मौत मांग रहे हैं। हालांकि दुनिया को बताया जा रहा है कि ये प्रदर्शन ईरानी जनता आर्थिक संकट और दमन के खिलाफ आवाज उठा रही है, दरअसल ईरान में यह तख्ता पलट की तैयारी थी। अब सरकार का क्रूर रवैया जारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठन ईरान से हिंसा रोकने और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं। ईरान ने UN की निंदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
अत्याधिक क्रूर दमन
धार्मिक नेता की सरकार के सुरक्षा बल प्रदर्शनों के दौरान जो अरेस्ट हुए उन पर कहर बनकर टूट रही है। प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक क्रूर दमन जारी है। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को मौत से भी बदतर सजाएं दी जा रही हैं, जिसमें लंबी कैद, यातनाएं, जबरन गायब करना और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार शामिल हैं।
पूरे ईरान में बदअमनी
पूरे ईरान में बदअमनी की हालत थी। कभी भी कुछ हो सकता था। मसलन तख्ता पलट सरीखी घटना 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में आर्थिक संकट (महंगाई, मुद्रा अवमूल्यन) के खिलाफ हुई थी, जो अब पूरे देश में फैल चुके हैं। ईरानी सुरक्षा बलों (IRGC और पुलिस) ने प्रदर्शनकारियों पर लाइव फायरिंग, टियर गैस, धातु की गोलियां और बेरहम पीटाई का सहारा लिया है।
हजारों की मौत
प्रदर्शनों के दौरन हजारों लोग मारे गए जिनमें महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। वो भी मारे गए बताए जाते हैं जो धार्मिक नेता की फोटोे से सिगरेट सुलगा रही थीं। हजारों अरेस्ट किए गए हैं। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने सुरक्षा बलों को “कठोर कार्रवाई” के आदेश दिए हैं। प्रदर्शनकारियों पर तेहरान प्रॉसीक्यूटर और न्यायपालिका ने “मोहारेbeh” (अल्लाह के खिलाफ युद्ध) का आरोप लगाया है, जो मौत की सजा देता है। न्यायाधीशों ने “असाधारण और सबसे कठोर सजाएं” देने के आदेश दिए हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मौत की सजा के अलावा, कैदियों को लंबी उम्रकैद, जबरन कबूलनामा, यातनाएं (जैसे जननांगों पर इलेक्ट्रिक शॉक, नाखून उखाड़ना, गैंग-रेप) और “मौत से बदतर जिंदगी” दी जा रही है। कुछ मामलों में घायल प्रदर्शनकारियों को जिंदा बॉडी बैग में बंद करने की खबरें हैं।