गांधी जी के अहिंसा के सिद्धांथ से थे प्रेरित, साल 1964 में शांति के लिए नोबल, साल 1968 को उनकी हत्या
नई दिल्ली/न्यूयार्क। मार्टिन लूथर किंग दिवस संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिवर्ष जनवरी के तीसरे सोमवार को मनाया जाने वाला अवकाश एवं उत्सव है। यह दिन जुलूस, सेवा कार्य, शिक्षण कार्यक्रम और समानता पर विचार-मंथन से भरा होता है। इसे “छुट्टी का दिन नहीं, सेवा का दिन” कहा जाता है। मार्टिन लूथर अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन में अहिंसक आंदोलन के मुख्य प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने संघीय और राज्य कानून और नागरिक समाज में नस्लीय भेदभाव का विरोध किया था। डॉ. किंग ने मोंटगोमरी बस बहिष्कार (1955), वॉशिंगटन मार्च (1963), और सेल्मा से मोंटगोमरी मार्च (1965) जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनका प्रसिद्ध भाषण “I Have a Dream” आज भी समानता की प्रतीक घोषणा है।
गांधी जी के अहिंसक सिद्धांत से थे प्रेरित
मार्टिन लूथर किंग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसक सिद्धांत से प्रेरित थे। वो गांधी जी अनुयायी थी। डॉ. किंग का जन्म 15 जनवरी 1929 को अटलांटा, जॉर्जिया में हुआ था। उन्होंने धर्मशास्त्र में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की और एक बैपटिस्ट पादरी बने। गांधीजी के अहिंसा सिद्धांत से प्रेरित होकर उन्होंने नस्लीय भेदभाव के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन की राह चुनी।
शांति के लिए नोबल
गांधी जी के अहिंसक सिद्धांत को मानने वाले डा. मार्टिन लूथर किंग को साल 1964 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 4 अप्रैल 1968 को उनकी हत्या कर दी गई। 1983 में अमेरिका सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया, और 2000 तक इसे सभी 50 राज्यों में मान्यता मिल गई।