हाईकोर्ट, विस अध्यक्ष, शासन के सचिव व डीएम के आदेशों पर भारी मठाधीश लिपिक, डीएम के आदेश पर डीएसओ के संबंद्वी करण समाप्त के बाद भी ज्वाइन करने को नहीं तैयार
मेरठ। हाईकोर्ट, विधानसभा अध्यक्ष, शासन के सचिव और डीएम के आदेशों पर डीसी फूड के कार्यालय में तैनात एक अदना सा ऊर्दू अनुबादक भारी पड़ रहा है। इतना ही हाईकोर्ट समेत शासन के तमाम बड़े नामों के आदेश के बाद भी यह इस ऊर्दू अनुवादक टस से मस होने को तैयार नहीं है। साल 2007 में शासन के सचिव जेएस दीपक ने आदेश जारी कर किसी भी कर्मचारी जो संबंद्वीकरण के नाम कहीं रखा गया है, उस संबंद्वीकरण को समाप्त कर दिया था। इतना ही नहीं शासन में सचिव जेएस दीपक को शिकायत मिली थी कि उनके आदेश के बावजूद मेरठ सहित प्रदेश के कई जनपदों में संबंद्वीकरण से रखे गए कर्मचारी नहीं हटाए गए हैं। उसके बाद साल 2008 में सचिव जेएस दीपक ने प्रदेश भर के सभी कमिश्नर व डीएम को बाकायदा रिमाइंडर भेजा था, यह बात अलग है कि डीसी फूड के कार्यालय में जिन दो लिपिकों का संबंद्वीकरण किया गया था, उन्हें तब भी नहीं हटाया गया। साल 2009 में तत्कालीन जिलाधिकारी कामनी रतन चौहान ने डीसी फूड के कार्यालय में बतौर संबंद्वीकरण कर रखे गए ऊर्दू अनुवादक उसमान अली के संबंद्वीकरण को समाप्त किए जाने के आदेश दिए थे। तत्कालीन डीएम के उक्त आदेशों के बाद ऊर्दू अनुवाद को डीएसओ कार्यालय में ज्वाइन करना था, लेकिन कामनी रतन चौहान के आदेशों के बाद भी डीएसओ कार्यालय में ज्वाइन नहीं किया। साल 2010 में किसी महेश कुमार ने हाईकोर्ट में ऐसे ही मामले को लेकर एक रिट दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के कमिश्नर व डीएम को आदेश दिया था कि किसी भी कर्मचारी संबंद्वीकरण केवल उस स्थिति में हो सकता है, जब उसको निलंबित कर दिया गया हो। निलंबन के बाद बतौर सजा के उसको किसी अन्य कार्यालय से संबंद्व किया जा सकता है। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी डीसी फूड के कार्यालय में बतौर संबंद्व दोनों लिपिकों को नहीं हटाया गया। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के आदेश हैं। ये आदेश प्रदेश भर के कमिश्नरों को भेजे गए थे, जिसमें कहा गया था कि किसी भी कार्यालय में कोई भी कर्मचारी बतौर संबंद्व नहीं रखा जाएगा। लेकिन डीसी फूड के कार्यालय में तैनात दोनों संबंद्व किए गए कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती कार्यालय पर नहीं भेजा गया। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण आदेश वर्तमान डीएसओ के आदेश हैं, जिसमें उन्होंने संबंद्वी करण समाप्त कर ऊर्दू अनुवादक को तत्काल कार्यालय में ज्वाइन करने के लिए पत्र डीसी फूड को भेजा लेकिन उनके आदेशों के बाद भी डीसी फूड के कार्यालय में बतौर संबंद्व किए गए कर्मचारियों को डीएसओ आफिस मेें नहीं भेजा गया।