संदीप तितोरिया की पहल पर सुविधा, कार्ड धारकों को मुसीबतों से मिलेगा छुटकारा, ना लाइन का झंझट ना समय की बर्बादी
मेरठ। राशन कार्डधारकों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है। खासकर उन राशन कार्ड धारकों को जो अपने राशन डीलर की दुकान की लंबी लाइन से परेशान रहते हैं। कई बार तो लंबी लाइन और समय ना होने के चलते वो राशन भी नहीं ले पाते हैं। ऐसे राशन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि वो अब किसी भी दुकान से राशन ले सकेंगे। हालांकि इस आश्य के आदेश शासन स्तर से एक बार पूर्व में भी जारी किया जा चुका है, लेकिन आपूर्ति विभाग में राशन डीलरों के मददगार कुछ स्टाफ ने इस आश्य के शासनादेश को फाइलों में नीचे दबा दिया था।
अब नहीं छोड़ना राशन
इस आश्य की जानकारी भारतीय किसान यूनियन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप तितौरिया ने दी जो काफी अरसे से इसके लिए शासन स्तर पर प्रयास कर रहे थे। इस संबंध में उन्होंने योगी सरकार के कई मंत्रियों तथा शासन में बैठे अफसरों से भी मुलाकात की। वह यह समझाने में कायम रहे कि अनेकों बार ऐसा होता है कि डीलर की कचकच और मचमच से परेशान होकर उपभोक्ता महीने का राशन छोड़ देता है।
दरअसल हो यह रहा था कि मेरठ ही नहीं प्रदेश भर में राशन कार्ड धारकों को पिछले काफी दिनों से सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदार राशन देने में परेशान कर रहे थे, राशन कार्ड धारकों को घटतौली व राशन न देकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा था, जिसकी शिकायत काफी दिनों से भारतीय किसान यूनियन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिल रही थी। इसकी शिकायत उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह को की गई थी।
डीएसओ ने किया आदेश
जिस पर निर्णय लेते हुए बीते 5 फरवरी को जिलापूर्ति अधिकारी के स्तर से यह आदेश जारी किया गया कि मूल दुकान के अतिरिक्त अन्य उचित दर दुकानों के विक्रेताओं द्वारा पोर्टेबिलिटी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं/राशन सामग्री उपलब्ध कराए जाने हेतु आम जनहित एवं राशनकार्डधारकों की सुविधा के दृष्टिगत जनपद के समस्त उचित दर विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि कार्डधारक स्वेच्छा से किसी भी उचित दर विक्रेता दुकानदार की दुकान से अपना अंगूठा लगाकर पांच किलो प्रति यूनिट की दर से खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।
परेशान किया तो खैर नहीं
यदि फिर भी किसी कार्डधारक को उचित दर विक्रेता द्वारा पोर्टेबिलिटी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं/राशन वितरण में अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, तो ऐसे उचित दर विक्रेता की शिकायत तुरंत जिला पूर्ति अधिकारी अथवा भारतीय किसान यूनियन इंडिया के किसी भी पदाधिकारी के मोबाईल नम्बर पर की जाये। उचित दर विक्रेता के विरुद्ध जिला पूर्ति विभाग से तुरंत कार्यवाही कराई जायेगी।