भारतीय शेयर बाजार के निवेशक बर्बाद, बड़ी रकम डूबी, दूसरी जगह निवेश के लिए भी नहीं बची रकम, रिकबरी की नहीं कोई उम्मीद
नई दिल्ली। ईरान बनाम अमेरिका व इजरायल जंग से भारतीय शेयर बाजार को सबसे ज्यादा मार पड़ी है। नुकसान की यदि बात करें तो कई निवेशक बुरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। उनको रिकबरी का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। रकम डूबने की वजह से वो अब गोल्ड सरीखे आइटम में भी निवेश नहीं कर पा रहे हैं। मिडिल ईस्ट (ईरान-इजराइल-अमेरिका) में जारी तनाव ने भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों को बर्बाद करने का काम किया है। नुकसान की यदि बात करें तो तनाव के बाद से BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 463 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 440 लाख करोड़ के नीचे आ गया है। कुल नुकसान आज 14 मार्च तक माना जा रहा है आशंका है कि वो पचास लाख करोड़ से ऊपर है।
विदेशी निवेशकों का टूटा भरोसा
लड़ाई के चलते सबसे ज्यादा भरोसा विदेशी निवेशकों का टूटा है। इसकी वजह से उन्होंने जमकर बिकवाली की। लड़ाई कितने दिल चलेगी इसका कोई ठिकाना नहीं। इसी के चलते विदेशी निवेशक भले ही नुकसान में ही सही लेकिन अपनी रकम निकाल रहे हैं। बिकवाली होने की वजह से शेयर बाजार ज्यादा डाउन आया है।
सोने में सुरक्षित निवेश
लडाई का बुरा असर यह हुआ कि निवेशक अब सोने में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से सोने के दाम आसमान छू रहे हैं। एक तोला सोना डेढ लाख रुपए जा पहुंचा है, लेकिन इसके कुछ साइड इफैक्ट भी हैं। खुदरा बाजार से ग्राहक गायब हो गया है। खुदरा बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां तक कि अब विवाह शादी में सोने के बजाए लोग प्रोपर्टी दहेज में दे रहे हैं।
हालांकि जानकारों की मानें तो मार्केट अभी भी वोलेटाइल है। GIFT Nifty और ग्लोबल cues से आज भी डाउन ओपनिंग की उम्मीद। ऑयल $100+ पर बने रहने से प्रेशर जारी। कुछ एनालिस्ट्स कहते हैं कि अगर युद्ध ड्रैग होता रहा तो और गिरावट (stagflation का डर), लेकिन क्विक रिजॉल्यूशन पर रिकवरी पॉसिबल।