कई देश चपेट में, अमेरिका के ईरान पर हमले की कीमत पड़ रही चुकानी, भारत की विदेश नीति की निंदा
नई दिल्ली/न्यूयार्क/तेहरान। आज सुबह अमेरिका की ईरान पर एयर स्ट्राक के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद यह जंग अब व्यापक रूप ले रही है। ईरान की मिसाइलों से इजरायल में भारी तबाही मचाई है। तेलअबीब में कई जगह ईरानी मिसाइलें दागी गयी हैं। ईरानी मिसाइल हमलों से तमाम इजरायली डरे हुए हैं, वो बंकरों में जाकर छिप गए हैं। रूस ने अमेरिका की निंदा की और ईरान ने कहा है कि अमेरिका को हमले की कीमत चुकानी होगी। ईरान ने इसे “Truthful Promise 4” नाम दिया और कहा कि ऑपरेशन जारी रहेगा।
लड़कियों के स्कूल पर अमेरिकी बमबारी
ईरानी रक्षा मंत्री और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर की मौत का दावा है। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और राष्ट्रपति के जीवित होने की पुष्टि ईरानी विदेश मंत्री ने की। कुछ रिपोर्ट्स में ईरान के लड़कियों के स्कूल पर हमले का दावा (160 तक मौतें) हुई हैं। इसके अलावा ईरानी नागिरको के मारे जाने की भी बात कही गयी है।
अमेरिकी सैन्य बेस निशाने पर
ईरानी मिसाइलों के निशाने पर तमाम देशों में बनाए गए अमेरिकी फौजी अड्डे हैं। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी हमले में देरी नहीं कि और इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। इसके अलावा ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, UAE (अबू धाबी, दुबई क्षेत्र), सऊदी अरब और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। वहां व्यापक नुकसान बताया जा रहा है।
मीडिल ईस्ट में फैल रही है लड़ाई
अमेरिका के हमले और ईरन के करारे जवाब के बाद अब यह लड़ाई पूरे मीडिल ईस्ट में फैल गयी है। हमले से गल्फ देशों में अमेरिकी अड्डे प्रभावित। दुबई, अबू धाबी, रियाद, दोहा आदि में धमाके और सायरन बजे। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास तेज किए थे, जो अब युद्ध में बदल गए। जानकारों का कहना है कि अमेरिका के लिए यह लड़ाई आसान बिलकुल नहीं है।
डेमोक्रेटस ने बताया अवैध युद्ध
अमेरिका में इस युद्ध को लेकर अब ट्रंप की निंदा की जा रही है। अमेरिकी डेमोक्रेट्स (जैसे टिम केन) ने इसे “illegal war” कहा। आम अमेरिकी भी ईरान के साथ जंग के खिलाफ है। रूस ने भी इसको उकसाबे की कार्रवाई बताया है। हालांकि कनाडा और आस्ट्रिया ने अमेरिका का समर्थन किया है। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहे ओमान ने अमेरिकी हमले को लेकर निराश जतायी है।
“भारत इसराइल के साथ है
इसराइल की संसद कनेसेट में भाषण देते हुए मोदी ने कहा, “भारत इसराइल के साथ है मज़बूती से, पूरे विश्वास के साथ, इस समय भी और आगे भी” उन्होंने 7 अक्तूबर, 2023 को हुए हमास के ‘निर्दयी आतंकी हमले’ के संदर्भ में कही, जिसमें करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 250 से ज़्यादा लोगों को बंधक बनाया गया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पीएम मोदी से इसराइल दौरे के दौरान फ़लस्तीनियों के अधिकारों की बात उठाने की अपील की थी, लेकिन पीएम मोदी ने इस बारे में कोई बात नहीं की। इसको लेकर दूरगामी बुरे परिणाम सामने आ सकते हैं।