युवा ब्राह्मण समाज संगठन की बैठक, सुप्रीमकोर्ट का जताया आभार, कानून बनाने वाली पार्टी का करें विरोध
मेरठ। युवा ब्राह्मण समाज संगठन की बैठक (जो की स्वर्ण समाज को लेकर बुलाई गई थी) एन ए एस इंटर कॉलेज में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता स्थाई समिति के वरिष्ठ सदस्य जितेंद्र गौतम व संचालन स्थाई समिति सदस्य अजय शर्मा ने किया।
बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यूजीसी के काले कानून पर रोक के लिए हम उनको धन्यवाद देते हैं। साथ ही सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह ऐसे समाज बांटने वाले आदेशों को लागू करने वालों के विरुद्ध न्याय संगत कठोर कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में कोई संस्थान ऐसे कार्य ना करें।
ऐसी पार्टी का करें बहिष्कार: पुनीत
अपने विचार व्यक्त करते हुए मंत्री पुनीत शर्मा ने कहा कि समाज को विषाक्त व वैमनस्य बढ़ाने वाले कानून का पूर्ण जोर विरोध करना चाहिए। साथ ही समाज को एकजुट होकर यह भी निर्णय लेना चाहिए कि आगे भी किसी भी पार्टी की सरकार समाज के द्वेष की भावना बढ़ाने का कानून बनाती है तो उस पार्टी का पूर्ण बहिष्कार किया जाए।
अजय शर्मा ने कहा कि स्वर्ण समाज ने कभी किसी जाति का अपमान या विरोध नहीं किया परंतु कुछ जाति के लोग व्यक्तिगत द्वेष की भावना रखते हुए स्वर्ण वर्ग विशेष कर ब्राह्मणों को चिन्हित करके आरोप लगाने शुरू कर देते हैं इनका उदाहरण एक तिवारी जी का सोशल मीडिया पर आया कि उसको 20 साल सजा काटने (जेल में रहने के बाद) बाइज्जत बरी कर गए इन पर लगे आरोपों के पुख्ता सबूत नहीं मिले इसलिए बरी किया जाता है परंतु क्या उनके जीवन के महत्वपूर्ण 20 वर्ष वापस हो सकते हैं ऐसे कानून का पुरजोर विरोध होना चाहिए।
कहीं बाद में ना बन जाए कानून
स्थाई समिति के सदस्य जितेंद्र गौतम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हम आभारी हैं परंतु हम सभी स्वर्ण समाज को यह ध्यान रखना चाहिए कि पहले भी एक बार ऐसा हो चुका है कि सरकार ने बाद में कानून बना देती है इसके बाद कोड भी कुछ नहीं कर पाती अतः हम लोगों को एकजुट रहकर यह माहौल बनाना चाहिए कि यदि कोई सरकार आगे ऐसा कानून लाती है तो हम उस पार्टी का पूर्ण बहिष्कार कर सकें भेदभाव वाले कानून देश व समाज दोनों के लिए घातक होते हैं।
अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशांत कौशिक ने कहा कि अपमान या आपस में मतभेद किसी के साथ हो सकता है परंतु कानूनी रूप से किसी को हथियार देना न्याय उचित नहीं है बच्चों को मन में भय का वातावरण बन रहा है जनप्रतिनिधियों को प्रस्ताव बना कर दिए जाएं की आप ऐसे मुद्दों का विरोध करें अन्यथा स्वर्ण समाज आप लोगों को वोट नहीं करेगा। अश्वनी कौशिक ने कहा कि माननीय न्यायालय ने रोक लगाकर थोड़ा शब्द दिया है परंतु समाज पर तलवार लटकी हुई है हम लोगों को एकजुट होकर इस आंदोलन को अभी जारी रखना होगा सरकारी ऐसे कानून से स्वर्ण समाज को डरा कर रख रही है हम लोगों को एकजुट होकर छोटी-छोटी बैठकें कर अलग जलाए रखनी है।
मंडल कमीशन का करना था विरोध
आरके पचौरी ने कहा कि क्या आज हम आजाद हैं अंग्रेजों के टाइम में मंगल पांडे ने आजादी की चिंगारी जलाई थी और देश को आजादी दिलवाई आज हम उसे समय से भी ज्यादा गुलाम है उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन का सही विरोध किया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता आज हमारे स्वर्ण समाज के बच्चों को 90% पर भी एडमिशन नहीं मिलता और दलितों को 20- 30 परसेंट पर भी प्रवेश मिलता है पचौरी जी ने कहा कि वर्तमान में ब्राह्मणों का व्यापक उत्पीड़न हो रहा है इसका उदाहरण शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके साथियों का उत्पीड़न व विरोध कार्रवाई है।
ये रहे मौजूद
बैठक में गणेश दास शर्मा, सौरभ दिवाकर शर्मा, विशाल त्यागी, भूषण शर्मा, डॉ गजेंद्र कुमार शर्मा, ललित कौशिक, ऋषभ पाराशर एडवोकेट, गिरीश भारद्वाज, सिद्धांत भारद्वाज, विजय शर्मा, श्रीकांत पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आंदोलन को जारी रखने का समर्थन किया। बैठक में मुख्य रूप से अशोक शर्मा, हिमांशु, अनुपम, राजू, विपिन ,मनीष शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, डॉ रविकांत सरल, अनिल शेरावत, संजय बाजपेई ,हिमांशु शर्मा सुरेंद्र, पंडित विशाल शर्मा, आनंद भारद्वाज, जितेंद्र, आदि उपस्थित रहे।