सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान मची भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई है। भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भगदड़ हुई थी, जिसके बाद बुधवार को भी तीन और लोगों की मौत हो गई। यह घटना कुबेरेश्वर धाम में चल रहे रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान हुई, जहां भारी भीड़ उमड़ आई थी। भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हो गई थी, और बाद में तीन और लोगों की जान चली गई। इस आयोजन में हुई अव्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इंदौर। मध्य प्रदेश के सिहोर कुबेरेश्वर धाम स्थित पर सावन के जलाभिषेक को पहुंचे लाखों लोगों की भीड़ में अचानक कथित तौर पर भगदड़ मचने की वजह से सात लोगों की मौत हो गई। बीते मंगलवार को हुए इस हादसे की खबर किसी प्रकार गुरूवार को बाहर आ सकी। जानकारों की मानें तो जिस को शिवलिंग बताकर जलाभिषेक कराया जा रहा था, चर्चा है कि उसकी प्राण प्रतिष्ठा तक नहीं कराई गई थी। इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार अभी तक किसी भी प्रकार की जांच से बच रही है। वहीं दूसरी ओर इलाके के विधायक करण सिंह से जब मीडिया ने सवाल किया तो वह भी सीधा जबाव देने से कतराते रहे। दरअसल हो यह रहा है कि इस दर्दनाक घटना के बाद सिहोर के पंड़ित प्रदीप मिश्रा को लेकर सरकार की कोई भी ऐजेंसी या फिर जन प्रतिनिधि बचते नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर गेंद प्रशासन के पाल में डाल दी गयी है। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सात की मौत की घटना को लेकर जो वीडियो अपलोड की गयी थी, उसको भी हटवा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर सिहोर के पंड़ित प्रदीप मिश्रा ने सफाई दी कि जो मरे हैं, वो स्वास्थ्य कारणों के चलते मरे हैं। उन्होंने उनकी मौत पर गहरा दुख भी व्यक्त किया। इस पूरी घटना को लेकर सरकार और प्रशासन ने किसी भी प्रकार की जांच व कार्रवाई से साफ इंकार कर दिया है।