शंकराचार्य की वाराणसी में हुंकार

kabir Sharma
3 Min Read
WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now

गौ रक्षा और गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने को आंदोलन, देश के बीफ सप्लाई में यूपी की सबसे बड़ी हिस्सेदार, योगी सरकार के लिए नई सिरदर्दी

नई दिल्ली/बनारस। पॉक्सो सरीखे गंभीर मुकदमें में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आज बनारस में हुंकार भरी है। POCSO मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पहले मिली अंतरिम राहत (गिरफ्तारी पर रोक) का असर जारी है। स्वामी जी ने आरोपों को झूठा और साजिश बताया, लेकिन आज फोकस गौ रक्षा पर है।हालांकि नाम तो गो रक्षा व गाैमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने सूबे की योगी सरकार के खिलाफ शंखनाद माना जा रहा है। वाराणसी में आज श्रीशंकराचार्य घाट (केदार घाट) पर गो-ब्राह्मण प्रतिपालक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर गौ प्रतिष्ठा आंदोलन शुरूआत की। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, जो काशी से लखनऊ तक जाएगी।

हिन्दू आस्था के नाम पर

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मानें तो यह आंदोलन गौहत्या के खिलाफ है और सनातन आस्था की रक्षा के लिए करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को मजबूत करने का प्रयास है। गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का सम्मान दिलाने का संकल्प लिया है। शंकराचार्य के इस अभियान के साथ गाहे बगाहे कहीं ना कहीं कांग्रेंस का साथ मिल रहा है। लखनऊ यात्रा शुरू होगी। अजय राय (कांग्रेस नेता) ने स्वामी जी से आशीर्वाद लिया और मदद का वादा किया। इस बीच जानकारी मिली है कि कुछ स्थानों पर योगी समर्थक भाजपाई शंकराचार्य का मार्ग में विरोध करेंगें तो कुछ संत उनका समर्थन करने पर तुले हुए हैं।

पीएम का लोकसभा चुनाव क्षेत्र

वाराणसी पीएम माेदी का लोकसभा चुनाव क्षेत्र है। उसके बाद भी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को यहां से आंदोलन के शुरूआत की इजाजत और कांग्रेस का शंकराचार्य की लखनऊ यात्रा को समर्थन देना राजनीतिक तौर पर इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। फिलहाल राजनीति के चश्मे से देखें तो पूरा मामला उलझा हुआ है। लेकिन इस सब के बीच योगी सरकार के डिप्टी सीएम केश्वव प्रसाद मौय का वाराणसी में दिया गया बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि “गौ माता में करोड़ों देवी-देवता विराजमान हैं, कोई खरोंच नहीं पहुंचा सकता। संतों के चरणों में सदा प्रणाम। काफी कुछ कह रहा है।

बागेश्वर धाम का आंदोलन को समर्थन

बाबा बागेश्वर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर कोई टिप्पणी से इंकार कर दिया है। लेकिन उनका कहना है कि “हम किसी संत पर टिप्पणी नहीं करते, यह मेरे सामर्थ्य के बाहर है।” लेकिन गौ रक्षा और हिंदू राष्ट्र पर उनके विचारों का समर्थन किया।

- Advertisement -

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *