केरल नहीं अब केरलम, मोदी कैबिनेट ने बदला नाम, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कसा तंज
नई दिल्ली। साल 2023 में केरल विधानसभा मे केवल का नाम बदले जाने के फैसले पर मोदी कैबिनेट ने मोहर लगा दी है। हालांकि इस पर शशि शरूर ने तंज कसा है। कांग्रेस सांसद ने सवाल किया की केरल लोगों को अब क्या कहा जाएगा। क्योकि जो नाम दिया जा रहा है उसका शब्दिक अर्थ तो मिनिरल है।
सीएम ने किया बचाव
नाम बदले जाने के बाद उठ रहे विवाद के चलते राज्य के सीएम पिनरई विजयन बचाव की मुद्रा में आ गए। उन्होंने कहा था कि राज्य को मलयालम में ‘केरलम’ कहा जाता है और मलयालम बोलने वाले लोगों के लिए एक केरल की मांग देश की आजादी की लड़ाई के समय से चली आ रही है।
सेवा तीर्थ में लिया गया यह पहला फैसला
जिस सेवातीर्थ का जिक्र इस फैसले के साथ किया जा रहा है वो सेवातीर्थ भी बदला हुआ नाम है। कांग्रेस का तंज है कि मोदी और योगी सरकार कुछ करे या ना करे,लेकिन स्थानों के नाम बदले जाने का रिकार्ड जरूर कायम कर रही है मोदी कैबिनेट ने एक बैठक में केरल सरकार के राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह फैसला सेवा तीर्थ में लिया गया पहला फैसला है, जो नए बने प्रधानमंत्री ऑफिस और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट कॉम्पलेक्स है।
केरल मलयालम में ‘केरलम’
राज्य के सीएम का तर्क है कि केरल का मलयालम में केरलम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि विजयन ने कहा था “हमारे राज्य का नाम संविधान के पहले शेड्यूल में केरल लिखा है। यह असेंबली केंद्र से रिक्वेस्ट करती है कि वह संविधान के आर्टिकल 3 के तहत इसे ‘केरलम’ में बदलने के लिए तुरंत कदम उठाए और संविधान के आठवें शेड्यूल में बताई गई सभी भाषाओं में इसका नाम बदलकर ‘केरलम’ कर दे।”