नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव और लड़ाई के चलते शेयर बाजार में निवेशकों को 9 लाख करोड़ डूब गए हैं। बीते साल का एंड और नए साल की शुरूआत की यदि बात करें तो वैश्विक घटनाक्रमों के कारण निवेशक लगातार लग रहे झटकों से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। ताजा मामला ईरान के साथ चल रहे अमेरिका और इजरायल की लड़ाई का है जिसमें निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपए डूब गए हैं। बाजार के गोता खाने के चलते तमाम छोटे निवेशक बर्बाद हो गए हैं। हो यह रहा है कि बाजार जब भी थोड़ा संभलता है अचानक कोई ऐसी घटना हो जाती है जिसके चलते बाजार गोता खा जाता है। अब ताजा मामला मिडिल ईस्ट में तनाव का है।
सेंसेक्स में भारी गिरावट
सप्ताह के अंतित दिन आज सेंसेक्स में भरी गिरावट दर्ज की गयी है, जिसके चलते सेंसेक्स 1690 अंक की गिरावट के साथ 73583 के स्तर पर बंद हुआ। बचा निफ्टी भी नहीं। निफ्टी 50 486-490 अंक टूटकर 22819 पर आकर बंद हुआ। हालांकि कुछ अन्य जानकारों का मानों तो बाजार में 17 सौं अंकों की गिरवट हुई है। लड़ाई के चलते विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में टिक नहीं पा रहे हैं। उन्होंने अपनी रकम निकालने का सिलसिला जारी रखा है। जिसकी वजह से बाजार में जरदस्त बिकवाली का दौर है। भारतीय निवेशक भी अपनी रकम निकालने पर उतारू हैं। जिसका बाजार पर बुरा असर पड़ रहा है। कई रिपोर्ट्स में सेंसेक्स की गिरावट 1,700 अंक तक बताई गई है। सभी सेक्टरों में बिकवाली रही, खासकर बैंकिंग, ऑटो, मेटल और PSU बैंक में भारी दबाव।
फिर रिवर्सल
पिछले कुछ हफ्तों में बाजार में कई बार 1,000-2,500 अंकों की गिरावट आ चुकी है, लेकिन 25 मार्च को सेंसेक्स 1,205 अंक चढ़कर 75,273 पर बंद हुआ था (युद्ध में डी-एस्केलेशन की उम्मीद से)। आज फिर रिवर्सल देखा गया। इससे बाजार बेजार है। निवेशक हताश हैं।