ईरान में कभी भी शुरू हो सकती है अमेरिका व इजरायल से जमीनी लड़ाई, अमेरिका ने कर ली है बड़ी तैयारी, चीन व रूस भी दे सकते हैं दखल
नई दिल्ली। अफगानिस्तान और इराक की तर्ज पर अमेरिका अब ईरान में बड़ी और लंबी जमीनी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। माना जा रहा है कि यदि बातचीत विफल हो जाती है तो कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ईरान में दाखिल हो जाएगी। ईरान भी इससे अंजाम नहीं है। ईरान लगातार कह रहा है कि बातचीत तो केवल बहाना भर है। अमेरिका अपनी जमीनी लड़ाइयों की तैयारियों में लगा है। ईरान का यह भी कहना है कि बातचीत का केवल बहाना है, दरअसल में डोनाल्ड ट्रंप जमीनी लड़ाई की तैयारियों के लिए वक्त मांग रहे हैं। इसमें ईरान की मदद के नाम पर चीन व रूस भी बैकडोर से दखल दे सकते हैं।
ईरान भी तैयार
ईरान ने अमेरिका को संदेश भेज दिया है कि वो भी जमीनी लड़ाई के लिए तैयार है। कुछ न्यूज ऐजेन्सियों की मानें तो ईरान में दस लाख सैनिकों की भर्ती का प्लान है जिस पर काम शुरू कर दिया गया गया है। ईरान इस बात को अच्छी तरह जान गया है कि अमेरिका सस्ते में पीछा नहीं छोड़ेगा। अमरेिका के संभावित जमीनी हमले को देखते हुए ईरान ने भी जमीनी लड़ाइयों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ईरान का सबसे ज्यादा खतरनाक हथियार जमीनी सुरंगे हैं। वहीं दूसरी ओर ईरानी फौजी कमांडर लगातार चेता रहे है कि अमेरिकी फौजी आएगे तो पैरों पर चलकर लेकिन जाएंगे ताबूतों में लेटकर।
खरग और स्ट्रेट होर्मूज
कुछ न्यूज रिपोर्टस की मानें तो पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक सीमित जमीनी अभियानों की तैयारी कर रहा है, जिसमें संभावित रूप से ईरान के तेल के अकूत ठिकाने खारग दीप तथा स्ट्रेट होर्मूज के आसपास कब्जा चाहतेा है। ये योजनाएं, जो पूर्ण आक्रमण से कम हैं, उनमें विशेष अभियान और पारंपरिक पैदल सेना के सैनिकों द्वारा छापे शामिल हो सकते हैं, जिससे अमेरिकी कर्मियों को ईरानी ड्रोन और मिसाइलों, जमीनी गोलीबारी और तात्कालिक विस्फोटकों का सामना करना पड़ सकता है।