
कैंट बोर्ड ने करा रहा समुचित इंतजाम, जिला प्रशासन व पुलिस अफसर भी पहुंचे काली पलटन, मंदिर के बाहर लगाए गए बैरिकेट
मेरठ। महाशिवरात्री पर होने वाली जलाभिषेक के मद्देनजर कैंट बोर्ड की ओर से काली पलटन मंदिर क्षेत्र तथा कांवड़ियों के कैंट से होकर गुजरने वाले यात्रा मार्ग पर समुचित इंतजाम किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा ध्यान साफ सफाई तथा पथ प्रकाश व्यवस्था पर किया जा रहा है। इसके अलावा दैनिक कार्य से निवृत्त होने के लिए भी कैंट बोर्ड के सेनेट्री सेक्शन ने माकूल इंतजाम किए हैं। व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनाए रखने के लिए सीईओ के निर्देश पर मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। इस साल करीब तीन लाख कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद जतायी जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि ज्यादातर कांवड़िया सरकुलर रोड से होकर गुजरें। मंदिर क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद
कैंट बोर्ड प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के स्तर से जो भी व्यवस्था की जा सकती है वो करायी जा रही हैं। सुरक्षा बंदोबस्तों का जायजा लेने के लिए कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डॉ वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पाण्डेय ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों से संवाद किया।
चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे
मंदिर समिति ने मंदिर क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। साथ ही एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा का इंतजाम पीएसी व आरएएफ के कंधों पर रहेगा। मंदिर में अस्थायी पुलिस बूथ स्थापित किया गया है। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस पिकेट्स लगाई गई हैं। मंदिर क्षेत्र की निगरानी ड्रोन से करायी जाएगी। सुरक्षा के लिए तीन कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएएफ, दो एएसपी, आठ डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 112 सब इंस्पेक्टर और 550 कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे।