साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, सूतक काल को लेकर कुछ चीजों की है मनाही, पूरी दुनिया में मंदिरों के कपाट बंद, सेक्स करने की सख्त मनाही
नई दिल्ली/वृंदावन। साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। चंद्रग्रहण की वजह से सूतक कॉल चल रहा है। सूतक काॅल में ज्योतिषियों ने कुछ कार्य करने के लिए मनाही की है और कहा है कि यदि उपाय किए जाए तो इसका अच्छा परिणाम सामने आएगा। साथ ही सूतक काॅल में भारत ही नहीं पूरी दुनिया के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। सूतक कॉल होने की वजह से ही आज रंगोत्सव नहीं है।
पहला चंद्र ग्रहण
साल2026 का पहला चंद्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण या लूनर एक्लिप्स) आज 3 मार्चको लग रहा है, जो मंगलवार का दिन है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण है, लेकिन भारत में यह आंशिक रूप से ही दिखाई देगा, मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश) में चंद्रोदय के समय शाम को। ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट है।
ग्रहण का काॅल
ज्योतिषियों ने बतायाक कि ग्रहण दोपहर बाद करीब 3.20 बजे शुरू हो जाएगा। इसका अधिकतम समय शाम 5.3 मिनट तक रहेगा। इसकी समाप्ति शाम को 6.47 बजे हो जाएगी। भारत में शाम 6.20 बजे के आसपास चंद्रोदय के बाद लगभग 11 से 15 तक आंशिक रूप से नजर आएगा। क्योंकि यह ग्रहण होली के साथ पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। हिंदू मान्यताओं में चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी का वातावरण प्रदूषित माना जाता है, इसलिए सूतक काल का पालन किया जाता है।
सूतक यानि ग्रहण से पूर्व का अशुभ कॉल
सूतक क्या है इसको लेकर पावंदियां क्यों लगायी जाती हैं, इसकी भी एक वजह है। दरअसल में यह ग्रहण होली के साथ पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। हिंदू मान्यताओं में चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी का वातावरण प्रदूषित माना जाता है, इसलिए सूतक काल का पालन किया जाता है।
यह भी रखें ध्यान
सूतक कॉल में सूतक के दौरान पृथ्वी पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव माना जाता है, इसलिए सावधानियां बरती जाती हैं। बच्चे, बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं के लिए सूतक शाम 5:15 बजे से शुरू होता है।
सूतक काल क्या है और कब से लागू है?
सूतक काल ग्रहण से पहले का अशुभ समय है, जिसमें कुछ गतिविधियां प्रतिबंधित होती हैं। चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले (3 प्रहर) शुरू होता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, सूतक और ग्रहण के समय सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां की जाती हैं।
भूल कर भी ये काम ना करें और ये कार्य करें
ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देव की पूजा करें। “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” या “भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे” जैसे मंत्रों का जाप करें। यह समय साधना के लिए उत्तम है, क्योंकि पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देव की पूजा करें। “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” या “भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे” जैसे मंत्रों का जाप करें। यह समय साधना के लिए उत्तम है, क्योंकि पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। ग्रहण शुरू होने पर स्नान करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद फिर से स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़कें।
सेक्स करना मना है
सूतक काॅल में सेक्स करना व दिन में सोना मना है। ग्रहण के बाद दान-पुण्य करें, जैसे गाय को गेहूं खिलाएं या जरूरतमंदों को भोजन दें। सूतक शुरू होने से ग्रहण समाप्त होने तक कोई ठोस या तरल भोजन न लें। ग्रहण के बाद ताजा सात्विक भोजन बनाएं। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न जाएं। तेज वस्तुओं (चाकू, कैंची) का उपयोग न करें। मूर्तियों को छूने से बचें।कोई नया काम, यात्रा, या खरीदारी न करें। कटाई, सिलाई, बाल काटना, दांत साफ करना आदि न करें।