तेजी से बढ़ता जा रहा है ईरान से जंग का दायरा, ईरान का वजूद खत्म करने पर तुला है अमेरिका, ईरान में नागरिकों की मौत का बढ़ रहा है आंकड़ा
नई दिल्ली/तेहरान/तेलअबीब। ईरान से अमेरिका और इजरायल की लड़ाई अब पूरे मीडिल ईस्ट में तेजी से फैल रही है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका की एयर स्ट्राइक ईरान का वजूद खत्म करने पर तुली हुई हैं। अमेरिका के युद्धक विमान ईरान पर भारी बंमबारी कर रहे हैं। दरअसल पेंटागन की चेतावनी के बाद प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप लड़ाई को जल्दी खत्म करने के मूड में नजर आ रहे हैं। इस लड़ाई का आज सातवां दिन है। इसमें शामिल तमाम देश विनाशक की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। लगातार यरस्ट्राइक्स, मिसाइल अटैक और क्षेत्रीय देशों की भागीदारी बढ़ रही है।
खतरे में तेल आपूर्ति
यह युद्ध अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल रहा है, जिसमें हूती, हिजबुल्लाह और अन्य ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं। दुनिया भर में तनाव चरम पर है, और तेल-गैस सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। रूस ने पहले ही यूरोप को चेतावनी दी है कि यदि पावंदिया बढ़ाई गई तो वह गैर आपूर्ति रोक देगा। यूरोप को गैस आपूर्ति का रास्ता ईरान से होकर जाता है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने पहले ही दुनिया की तीस फीसदी तेल आपूर्ती रोक दी है।
जानलेवा हथियारों का जमकर प्रयोग
इस लड़ाई में अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ जानलेवा हथियारों का खुलकर प्रयोग कर रहे हैं। ईरान भी पीछे नहीं। अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के छिपे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स पर दर्जनों 2,000-पाउंड बम गिराए, जिसके बाद ईरान के मिसाइल अटैक्स में 90% की कमी आई है। एक ईरानी “ड्रोन कैरियर शिप” भी आग की चपेट में है। जबाव में ईरान ने मासिव मिसाइल बैराज (Wave 22 of Operation True Promise 4) लॉन्च किया है, जिसमें Khorramshahr-4, Kheibar और Fattah मिसाइलें इज़राइल की ओर दागी गई हैं। IRGC ने इसे “#YaHussain ibn Ali” कोड नेम से शुरू किया।
तेजी से बढ़ रहा है मौतों का आंकड़ा
अमेरिकी और इजरायल के हमलों में ईरान में मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। वहीं नुकसान की बात करें तो इजरायल को भी भारी नुकसान अब तक हो चुका है। ईरान में मौतों का आंकड़ा 1,332 तक पहुंच गया है। तेहरान में बड़े पैमाने पर तबाही, स्टेडियम और कई इलाकों में हमले किए गए हैं।
हिजबुल्ला के हमले
हिजबुल्ला ने लेबनान से सटे इजरायली इलाकों पर जबरदस्त हमले बोले हैं। हिजबुल्लाह ने इज़राइल के उत्तरी इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी, संकेत कि वे फिर से युद्ध में शामिल हो सकते हैं।वहीं दूसरी ओर अजरबैजान ने ईरान से अपने डिप्लोमैट्स वापस बुलाए और एंबेसी बंद की, सेना को हाई अलर्ट पर रखा।