मेरठ। गबन की जांच करने वाले बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर अब खुद जांच की तलवार लटक गई है। पूरे मामले से सीएम कार्यालय, महानिदेशक स्कूली शिक्षा, शिक्षा निदेशक बेसिक, सचिव बेसिक शिक्षा, सहायक शिक्षा निदेशक मेरठ मंडल और कमिश्नर, डीएम व एसएसपी विजलेंस तथा सीडीओ सरीखे अधिकारियों को अवगत कराया गया है। जिसके चलते बेसिक शिक्षा के स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला प्राथमिक विद्यालय सिवाल-2 के प्रधान अध्यापक अनिल कुमार के संबंध में। अनिल कुमार पर किसी मनोज कुमार अमानल्लापुर ने 36, 300 रुपए के गवन का आरोप लगाया और इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। आईजीआरएस पोर्टल पर की गई इस शिकायत पर लखनऊ से एबीएसए रिचा से रिपोर्ट मांगी। आरोप है कि आईजीआरएस पोर्टल के संबंध में एबीएस एबीएसए ने शिकायकर्ता से बगैर साक्ष्य लिए रिपार्ट लखनऊ को भेज दी जिसमें कहा गया कि आरोप सही हैं। नियमानुसार होना यह था कि शिकायत करने वाले से गवन के साक्ष्य लिए जाते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आरोपी बताए जा रहे अनिल कुमार का आरोप है कि शिक्षा निदेशक बेसिक के आदेश 19 सितंबर 2018 में कहा गया है कि शिकायतकर्ता से शिकायत के संबंध में पुष्ट साक्ष्य शपथ पत्र के साथ प्राप्त करने के बाद ही जांच कर कार्रवाई की जाए, लेकिन अनिल कुमार के मामले में ऐसा नहीं किया गया और एकतरफा रिपोर्ट पार्टल पर को भेज दी गई। अनिल कुमार का कहना है कि ना तो शिक्षानिदेश के आदेश के अनुसार शिकायत करने वाले से कोई साक्ष्य व शपथ पत्र लिया गया और ना ही उनका पक्ष सुना गया। पोर्टल को प्रेषित की गई रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने रिकबरी के आदेश कर दिए और जनवारी 2025 को अनिल कुमार के वेतन से 37800 की रिकबरी कर ली गई। जिस व्यय को लेकर शिकायत की गयी, उस के व्यय के बाउचर विद्यालय में मौजूद हैं। उनका संज्ञान लिए व जांच का हिस्सा बनाए बगैर ही एकतरफा जांच कर यह जांच रिपोर्ट भेजी गयी और जांच रिपोर्ट के आधार पर वेतन से रिककरी कर ली गयी। इस मामले की शिकायत सीएम कार्यालय, महानिदेशक स्कूली शिक्षा, शिक्षा निदेशक बेसिक, सचिव बेसिक शिक्षा, सहायक शिक्षा निदेशक मेरठ मंडल और कमिश्नर, डीएम व एसएसपी विजलेंस तथा सीडीओ आदि अधिकारियों से की गयी। इस मामले की जानकारी के बाद अब बेसिक के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में जब बीएसए से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह गबन का मामला है, उसी में कार्रवाई की गयी है।