नई दिल्ली/तेहरान।ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग को दूसरा महिला लग गया है, लेकिन जंग खत्म होने के कोई आसार नहीं नजर आ रहे हैं। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध समाप्त करने के दावे को एकदम बकवास और अतार्किक बताया है। तेहरान में बैठे ईरानी कमांडरों का कहना है कि ट्रंप केवल बैकडोर से युद्ध से भाग जाना चाहते हैंं। लेकिन उन्हें ऐसा करने नहीं दिया जाएगा। अमेरिका व इजरायल से तेहरान अच्छी तरह से निपट रहा है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका में भी अब जंग को लेकर तेल की कीमतें बढ़ने से सरकार के प्रति नाराजगी साफ नजर आ रही है। लोग ट्रंप की युद्ध नीति के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। जंग खत्म करने के नाम पर ट्रंप जिस तरह से टाइम बढ़ा रहे हैं उससे दुनिया के राष्ट्र उनकी बात पर अब भरोसा कम ही कर रहे हैं। नेशनल ईरानी अमेरिकन काउंसिल के अध्यक्ष जमाल अब्दी के अनुसार, यह ट्रंप प्रशासन द्वारा विवादास्पद युद्ध को जारी रखने के दौरान पार्टी सदस्यों को “नाममात्र के विरोध” से परे कोई रुख अपनाने के लिए मजबूर करने के बारे में संभावित सतर्कता को दर्शाता है। इस बीच इजरायल और ग्रीस के विदेश मंत्रियों ने आपस में चर्चा की है।
परमाणु हथियार संघी से बहर निकल सकता है ईरान
ईरान पर जिस प्रकार से अमेरिका और इजरायल व्यापक हमले कर रहे हैं। खासतौर से उस स्कूल पर हमला जिसमें करीब दौ सौ बच्चियों की मौत हो गयी उससे नाराजगी के चलते इस बात की मांग उठने लगी है कि ईरान परमाणु हथियार संघि से बाहर निकले। संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेज़ाई ने शुक्रवार रात X पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षरकर्ता बने रहना निरर्थक होगा क्योंकि इससे “हमें कोई लाभ नहीं हुआ है”। इसको लेकर ईरान पर भारी दबाव है।
हूती विद्रोहियों के इजरायल पर हमले
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर शुरू हुए युद्ध के बाद से इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इजरायल ने इस हमले की पुष्टि की है। बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के दक्षिणी हिस्से में स्थित इज़राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस बीच इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में एक पत्रकार को टारगेट पर लेकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्या का दुनिया में व्यापक विरोध किया जा रहा है।