मीडिल ईस्ट जंग की चपेट में, कई विद्रोही गुट ईरान के साथ, इजराइल पर बढ़ सकते हैं हमले, अमेरिका के मित्र देश भी विद्रोही गुटों के निशाने पर
नई दिल्ली। ईरान अमेरिका/इजरायल का युद्ध अब पूरे मीडिल ईस्ट को अपने चपेट में लेता नजर आ रहा है। इसके साइड अफैक्ट भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बंगलादेश और श्रीलंका समेत एशिया के कई देशों पर पड़ने तय है। वहीं दूसरी ओर आशंका है कि भले ही बैकडोर से चीन और रूस जंग का हिस्सा बन गए हैं। ईरान-अमेरिका (और इज़राइल) की जंग अब बहुत गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। आज अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिसके बाद ईरान ने तुरंत जवाबी हमले किए, जिससे विश्व युद्ध (World War III) की आशंका तेज हो गई है। पल दर पल यह जंग थर्ड वर्ल्ड वार की ओर जाती नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन ने अमेरिका को बेस इस्तेमाल नहीं करने दिया, हमलों को “illegal” कहा।युद्ध अब सिर्फ ईरान-अमेरिका नहीं रहा – यह पूरे मिडिल ईस्ट को जला सकता है और वैश्विक स्तर पर फैल सकता है। स्थिति बहुत नाजुक है, और बड़े देशों की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। आशंका है कि ईरान परमाणु अटैक कर सकता है। इसके बाद पूरी दुनिया का उसमें जलना तय है।
ट्रंप का व्यापक युद्ध का एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो जारी कर अब संपूर्ण युद्ध का एलान कर दिय है। वह ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म करना, मिसाइल उद्योग नेस्तनाबूद करना, नौसेना तबाह करना। ट्रंप ने ईरानी जनता से अपील की कि वे शासन के खिलाफ विद्रोह करें और सरकार को “take over” करें। हमले तेहरान, इस्फहान, क़ुम, कराज, केरमानशाह आदि शहरों में हुए। ईरानी रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह की मौत की रिपोर्ट्स हैं। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और राष्ट्रपति जीवित हैं (ईरानी विदेश मंत्री की पुष्टि)।
“Truthful Promise 4”
अमेरिका और इजरायल की हिमाकत का मजबूती से जवाब दिया गया है। आठ देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ईरान ने “Truthful Promise 4” नाम से बैलिस्टिक मिसाइलों और हाइपरसोनिक मिसाइलों (1.5 टन वॉरहेड वाली) की कई लहरें दागीं। ईरान का लक्ष्य इज़राइल (तेल अवीव, यरुशलम आदि) और अमेरिकी बेस वाले देश हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की कोशिश की, जहाजों को पीछे हटाया जा रहा है – इससे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
फैल रही है तेजी से जंग
ईरान से जंग के बाद अमेरिका अब फौजी ताकत बढ़ा रहा है। उसको समझ में आ गया है कि यह जंग इतनी आसान नहीं जितनी समझी जा रही थी। कैरियर्स, डिस्ट्रॉयर्स, फाइटर जेट्स भेजे जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ईरान के समर्थन में ईरान के प्रॉक्सी हिज्बुल्लाह, हूती सक्रिय हो गए हैं। यह सीधा तीसरे विश्व युद्ध का आगाज है। जंग पर चीन/रूस की नजर है। अमेरिका के मिडिल ईस्ट में फंसने से ताइवान/यूक्रेन पर असर पड़ सकता है।