ट्रंप की धमकी से देश भर में नाराजी, ट्रंप को सबक सिखाने की मांग, ट्रंप ने क्यों कहा ऐसा जानना चाहता है देश
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना है कि मोदी मुझे खुश करना चाहते हैं, मैं नाराज हूं.. इससे देश भर में नाराजगी है। देश जानना चाहता है कि ट्रंप क्यों बार-बार अपमान पर उतारू है। ऑपरेशन सिंदूर रूकवाने के दावे के बाद यह उसकी दूसरी हिमाकत है। क्या भारतीय विदेश नीति अब श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल सरीखी नहीं रही जब साल 1971 की पाकिस्तान के साथ जंग के दौरान अमेरिका ने सातवां बेड़ा भेजने की धमकी दी थी और श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा दिया था सात नहीं सत्तर बेड़े भेजो! तब की और अब कि विदेश नीति में अमेरिका को लेकर ऐसा क्या अंतर आ गया है। क्या वाकई अमेरिका से डरने लगे हैं।
ट्रंप ने क्यों कहा मोदी के लिए उन्हें खुश करना महत्वपूर्ण था
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते थे कि वह इस मुद्दे पर ‘खुश नहीं’ हैं, और मोदी के लिए उन्हें खुश करना महत्वपूर्ण था। ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है, यदि भारत रूसी तेल खरीदना जारी रखता है। यह बयान ट्रंप की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में आया, जहां उन्होंने मोदी को ‘बहुत अच्छा आदमी’ बताते हुए भी चेतावनी दी। इसको लेकर सारे विपक्षी दल खासतौर से कांग्रेस पीएम मोदी पर हमलावर है। फसाद की जड़ ट्रंप का पीएम मोदी को लेकर मीडिया को दिया गया बयान है जो उन्होंने एयरफाेर्स वन में दिया है।
बार भी चुप्पी क्यों
भारत के विदेश मंत्रालय को अमेरिका के राष्ट्रपति को कड़ी लताड़ लगानी चाहिए, लेकिन विदेश मंत्रालय ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, पीएम मोदी ने पहले ट्रंप के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे थे, लेकिन यह नाराजगी संबंधों में दरार डाल सकती है। भारत पर अमेरिका से 50% टैरिफ थोपा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी ट्रंप को मनाने के लिए नए समझौते कर सकते हैं, लेकिन भारत अपनी ऊर्जा नीति नहीं बदलेगा।