ईरान में फंसे ट्रंप को मददगार की तलाश

kabir Sharma
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ट्रंप को उम्मीद थी दो दिन में जंग फिनिश, ईरान के सर्वोच्च नेता को मारकर समझ रहे थे जीत ली जंग, ईरान के पलटवार से दूर हो गयी गलतफैमी

नई दिल्ली/वाशिंगटन। प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद थी कि बेनेजुएला मैथर्ड ईरान में काम कर जाएगा। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुला खानमेनी को मार कर रजा पहलवी को ईरान की गद्दी पर बैठा दिया जाएगा उसके बाद ईरान के तेल और गैस पर कब्जा। ट्रंप यहीं नहीं रूकते थे। यूएस के जितने भी पूर्व राष्ट्रपति हुए हैं जिन्होंने लंबी लड़ाईयां अमेरिका पर थोपीं ट्रंप उन्हें मुर्ख बताने से भी नहीं चूकते थे। वो दावा करते थे कि दो दिन में ईरान फतेह कर लेंगे, लेकिन ऐसा हो ना सका।

परेशान और हैरान हैं ट्रंप

यूएस और इजरायल के हमलों में ईरान के तमाम टॉप कमांडर मारे जा रहे हैं उसके बाद भी ईरान की मिसाइलों की मार है कि रूकने का नाम नहीं ले रही है। इस बात को ट्रंप बार-बार कहते हैं कि ईरान के नेतृत्व को वह खत्म कर चुके हैं फिर कौन है जो ईरान का नेतृत्व कर रहा है और लगातार हमले जारी हैं।

मित्र देश और इजरायल ईरान ने किए बर्बाद

मिडिल ईस्ट में यूएस के तमाम मित्र देशों खासकर इजरायल को ईरानी मिसाइलों ने बुरी तरह से बर्बाद कर दिया है। हाइफा जो इजरायल की आर्थिक राजधानी माना जाता था वह खंडहर में तब्दील कर दिया। इसके अलावा तेल अबीब को देखकर कोई पहचान नहीं सकता कि यह वही पुराना तेल अबीब है। यूएई, कतर, कुवैत समेत जितने भी मित्र देश मिडिल ईस्ट में यूएस ने बनाए थे वहां से अब यूएस को बोरिया बिस्तर बांधकर भागना पड़ रहा है। ट्रंप ने अपने मित्र देशों को ईरान की मिसाइलों के रहमों करम पर छोड़ दिया है।

दुनिया से मदद मांग रहे हैं ट्रंप

ईरान को छेड़ने के बाद अकेले पड़े ट्रंप अब दुनिया के देशों से मदद मांग रहे हैं। कभी किसी ने सोचा नहीं था कि सुपर पावर यूएस इस प्रकार से दुनिया के सामने मदद के लिए गिड़गिड़ाएगा और मदद नहीं मिलेगी। यूरोपियन यूनियन और नॉटो देशों ने यूएस की मदद से हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने ईरान से लड़ाई को सनक तक बता डाला।

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खतरे में है मुस्तबिल

इस साल नवंबर में अमेरिका में चुनाव होने हैं। ईरान से लड़ाई मोल लेने के बाद ट्रंप का राजनीतिक भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। इसकी बड़ी वजह होर्मूज जलडमरू मार्ग जिस पर ईरानी मिसाइलों का कब्जा है। ईरान की मर्जी के बगैर कोई शिप यहां से गुजर नहीं सकता। यहां तक कि अमेरिकन शिप भी नहीं। इस बीच ईरान ने ईद के मौके पर चार हजार किलोमीटर का सफर की क्षमता रखने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिका के सैन्य अड्डे पर दाग कर बता दिया है कि अभी वह थका नहीं है अभी तो उसने केवल अमेरिका को थकाया है। चार हजार किलोमीटर की दूरी की मिसाइलों के फायर से पूरी दुनिया ईरान के सामने सरेंडर करती नजर आ रही है।

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