
यमुना एक्सप्रेस वे पर घने कोहरे की वजह से हादसा, मौके पर घायलों की चींखों पुकार, दर्दनाक मंजर जिसने देखा गया सहम
नई दिल्ली/मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार को बेहद अमंगलकारी हादस में गाड़ियों में सवार पंद्रह लोग जिंदा जल गए। हालांकि गैर सरकारी सूत्रों ने बीस के मरने की खबर दी है। अस्सी से ज्यादा गंभीर घायल हैं।पुलिस व प्रशासन की टीमें मरने वालों की शिनाख्त का प्रयास कर रही हैं। जिनकी शनाख्त हो चुकी है उनके परिजनों को सूचना दी गयी है। हादसे का शिकार ज्यादातर श्रद्धालु थे जो वृंदावन जा रहे थे। मौके पर तमाम आला अफसर पहुंच गए हैं। राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू करा दिए गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।
घने कोहरे की वजह से हादसा
यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा में घने कोहरे के कारण दर्दनाक हादसा हो गया। एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर लगने के बाद इन वाहनों में भयंकर आग लग गई। बताया गया है कि घने कोहरे के चलते दृश्यता लगभग शून्य थी। कोहरे के चलते एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में धमाके के साथ आग लग गई। आग की लपटें उठते ही बसों में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ कार से बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। घने कोहरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। तभी अचानक सामने से आए वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी और उसके बाद लगातार कई वाहन आपस में टकराते चले गए।
मंडलायुक्त का बयान
मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि चार शवों की पहचान हो गई है, अन्य के शिनाख्त के लिए टीम जुटी हुई है। फिलहाल घटना में प्रशासन ने दस लोगों के मरने की पुष्टि कर दी है, हालांकि बीस लोगों की जिन्दा जलकर मौत होने की जानकारी मिली है। वहीं दूसरी ओर अधिकारियों ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल मथुरा, 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया है। 38 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका उपचार चल रहा है। 39 बलदेव सीएचसी पर हैं।