जंग के करीब आ रहे यूएस व ईरान

kabir Sharma
3 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

ट्रंप का पैकेज ईरान को नहीं मंजूर, जंग होगी तो हाथ अमेरिका और इजरायल के भी जलेंगे, ईरान आरपार के मूड में

नई दिल्ली/न्यूयार्क। ईरान और यूएस जंग के करीब आ रहे हैं। दोनों ही देश यह माने बैठे हैं कि जब जंग के बगैर कोई दूसरा चारा नहीं है। दरअसल अमेरिकी प्रेसीडेंट ट्रंप चाहते हैं कि ईरान डील करे और ईरान का कहना है कि जो उसको माफिक नहीं वह डील व नहीं करेगा। इसके चलते ही दोनों देश अब एक दूसरे से निपटने या निपटाने के मूड में हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी माना जा रहा है कि यदि ईरान में आग लगेगी तो अमेरिका के भी हाथ जलेंगे।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फरवरी 2026 में चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर सख्त डील के लिए 10-15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अगर तेहरान नहीं माना, तो “बहुत बुरा” (bad things) होगा। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि वे लिमिटेड मिलिट्री स्ट्राइक पर विचार कर रहे हैं ताकि ईरान को न्यूक्लियर डील के लिए मजबूर किया जा सके।

यह तनाव पिछले साल (2025) के अमेरिकी-इजरायली हमलों से जुड़ा है, जहां ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर स्ट्राइक्स हुए थे। अब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा मिलिट्री बिल्डअप किया है:

  • दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (एक USS Gerald R. Ford सहित)।
  • सैकड़ों फाइटर जेट्स (F-35, F-22, F-16)।
  • अतिरिक्त नौसेना और एयर डिफेंस सिस्टम्स।
  • क्षेत्रीय बेस पर अमेरिकी फोर्सेस बढ़ाई गईं।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान को जीरो एनरिचमेंट (कोई यूरेनियम संवर्धन नहीं) और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम सीमित करने की मांग है। ईरान ने इसे खारिज किया है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे जल्द काउंटरप्रपोजल देंगे, लेकिन अमेरिका के साथ बातचीत में कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं हुआ। ईरान ने रूस के साथ होर्मुज स्ट्रेट में जॉइंट नेवल एक्सरसाइज की, जो अमेरिका के लिए चेतावनी है।

- Advertisement -

अमेरिका क्यों डर रहा है या हिचकिचा रहा है?

  • कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि ट्रंप “बॉक्स्ड इन” हैं – अपनी मिलिट्री बिल्डअप से पीछे हटना मुश्किल, लेकिन फुल-स्केल वॉर से डर (मिडटर्म इलेक्शन, इकोनॉमिक इंपैक्ट, रीजनल वॉर)।
  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिमिटेड स्ट्राइक भी तेजी से एस्केलेट हो सकती है – ईरान प्रॉक्सी ग्रुप्स (हिजबुल्लाह, हूती) के जरिए अमेरिकी बेस, इजरायल, या होर्मुज स्ट्रेट (दुनिया का 20% तेल) पर अटैक कर सकता है।
  • कुछ अमेरिकी अधिकारी और डेमोक्रेट्स चेतावनी दे रहे हैं कि यह वॉर लंबा, महंगा और खतरनाक हो सकता है।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *