महानगर के विकास के संबंधित तमाम फाइलें हैं अटकी पड़ीं निगम में, पब्लिक तो छोड़ियों पार्षदों तक को नहीं मिल पा रहे अफसर, अफसरों के दीदार को तरस रहे हैं निगम पार्षद
मेरठ। अफसरों के दीदार के लिए नगर निगम के अफसर तरस रहे हैं। निगम स्थित पार्षद सभागार में घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन अफसरों के दर्शन नहीं हो पाते। गुरूवार को भी तमाम पार्षद सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक पार्षद सभागार में इंतजार करते रहे, लेकिन किसी भी अफसर के दर्शन नहीं हो सके। स्टाफ ने बताया कि होली के त्यौहार के चलते अफसर घर गए थे और देर शाम तक लौट आएंगे। नगरायुक्त के अलावा निगम में चार अपर, चीफ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी सरीखे अफसर हैं। इनको लेकर जानकारी दी गयी कि दोपहर बाद या फिर देर शाम तक उनके पहुंचने की सूचना है। केवल पार्षद ही नहीं पब्लिक के लोगों को भी अफसरों के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। पार्षद कक्ष में पब्लिक के भी कुछ लोग आ गए थे। उन्होंने पार्षदों के मुंह पर ही कह दिया कि जब पार्षदों को अफसर नहीं मिल पा रहे हैं तो फिर पब्लिक से कहां मिल पाएंगे।
ऑफिस में ना बैठना आदत में शुमार
पार्षद कक्ष में बैठे तमाम लोगों का कहना था कि ऑफिस में ना बैठना अब अफसरों के आदत में शुमार हो गया है। ऐसा हो तो पहले से रहा है, लेकिन अब स्थिति ज्यादा खराब हो गयी है। खासतौर से जब से महानगर में सीएम ग्रिड योजना पर काम शुरू हुआ है। पार्षदों का कहना था कि जब भी स्टाफ से साहब की लोकेशन पूछते हैं बताया जाता है कि साइट पर है या फिर फिल्ड में हैं। जब फिल्ड की जानकारी की जाती है तो बता दिया जाता है कि सीएम ग्रिड का काम देखने के लिए गए हैं। हैरानी तो यह है कि जिनका सीएम ग्रिड के काम से कोई वास्ता भी नहीं है, स्टाफ उनकी लोकेशन भी सीएम ग्रिड की साइट पर ही बताता है। अफसरों के नाम मिलने से परेशान पार्षदों ने यहां तक कह दिया कि अफसरों का रवैया घर से काम चलाने का बनता जा रहा है। जब घर से दफ्तर चलाने लगेंगे तो फिर ऑफिस में तो बैठने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।
शुक्र है ये रहे मौजूद
नगर निगम में इन दिनों हाउस टैक्स से संबंधित समस्याओं को लेकर आने वालों की बड़ी संख्या है। सौ में से 90 लोग ऐसे होते हैं जिनकी समस्या नगर निगम से मुतालिक होती है, अच्छी बात यह रही कि होली के लंबे अवकाश के बाद आज गुरूवार को जब नगर निगम खुला तो कम से काम मुख्य नगर कर निर्धारण अधिकारी अपने कक्ष में मौजृूद थे और उनके कक्ष में हाउस टैक्स संबंधित समस्या को लेकर आने वालों की बड़ी संख्या थी। पब्लिक के अलावा पार्षद भी बड़ी संख्या में शिव कुमार गौतम के कक्ष में नजर आए।